#MeToo: अब पीयूष मिश्रा पर महिला पत्रकार ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, फेसबुक पर शेयर की आपबीती, अभिनेता ने कहा- 'मैं शराब के नशे में था, माफी मांगता हूं'

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देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं l देश में जारी ‘मी टू’ अभियान की लहर गुरुवार (11 अक्टूबर) को भी जारी रही और बॉलीवुड के शोमैन सुभाई घई, लेखक-निर्देशक पीयूष मिश्रा और फिल्ममेकर साजिद खान भी निशाने पर आए। कामकाज की जगह पर होने वाले यौन शोषण के खिलाफ चल रही इस मुहिम का गुरुवार को भी कई लोगों ने समर्थन किया, इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ने अपने साथी मंत्री एम जे अकबर से उनपर लगे यौन शोषण के आरोपों पर चुप्पी तोड़ने को कहा।

तनुश्री दत्ता के यौन उत्पीड़न के आरोपों की शिकायत के बाद गुरुवार को मुंबई पुलिस ने नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य सहित अन्य दो के खिलाफ जांच शुरू की। समाज में जोर पकड़ रहे ‘मी टू अभियान’ का एक प्रकार से समर्थन करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को कहा कि इस बारे में आवाज उठाने वालों को इंसाफ मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की आवाज उठाने वाली महिलाओं का उपहास नहीं उड़ाया जाना चाहिए।
ईरानी ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगी एम जे अकबर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गुरुवार को कुछ कहने से इनकार कर दिया। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि उन महिलाओं के साथ इंसाफ होना चाहिए जो अपनी बात रख रही हैं। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मामले पर कुछ भी कहने से मना कर दिया।बीजेपी नेता अकबर अभी विदेश दौरे पर हैं। उनके रविवार को वापस लौटने की संभावना है। उन्होंने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पीयूष मिश्रा पर अनुचित व्यवहार का आरोप
एक अखबार की पूर्व कर्मचारी ने पीयूष मिश्रा पर एक पार्टी के दौरान अपने साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया है जिसपर लेखक-निर्देशक ने कहा कि उन्होंने शायद ‘‘शराब पी रखी’’ थी और अगर उनके कारण ‘‘महिला को असहज महसूस हुआ’’ तो वह माफी मांगते हैं। केतकी जोशी ने फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट में कहा कि वह 2014 में एक प्रशंसक के तौर पर एक पार्टी में मिश्रा से मिली थीं जहां मिश्रा को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था।
जोशी ने कहा कि ‘‘मिश्रा ने 20-25 लोगों के सामने हल्की चुहल करने लगे’’ और पूरी पार्टी के दौरान शराब पीते रहे और धीरे-धीरे उनपर नशा तारी होने लगा। उसने कहा कि पार्टी खत्म होने पर जब वह मिश्रा के पास से गुजरी तब ‘‘उन्होंने मेरे हाथ पकड़ लिए और अपना हाथ मेरे हाथों पर रगड़ने लगे।’’ जोशी ने कहा कि मेजबान ने उसे बचा लिया लेकिन जब वह कोई चीज लाने के लिए छत पर गई तो दोबारा ऐसा हुआ।
उसने कहा, ‘‘वह (मिश्रा) अचानक से उठे और मेरी तरफ बढ़े। मुझे लग गया कि वह मुझे बांहों में भरने या गलत तरीके से छूने के लिए आगे आ रहे हैं। मैं चिल्लाकर कहा कि ‘आप प्लीज बैठ जाएं।’ बाकी लोगों ने मेरी आवाज सुनी और वहां पहुंच गए तथा मुझे दूर ले गए।’’ जोशी ने कहा कि अगर मेजबान और दोस्त नहीं होते तो ‘‘मिश्रा निश्चित रूप से मुझे गलत तरीके से छूते या हो सकता था कि मेरा यौन उत्पीड़न करते।’’
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोप पढ़े हैं जो कुछ पत्रकारों ने उनके पास भेजे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उक्त घटना याद नहीं है, क्योंकि मैंने शराब पी रखी थी। लेकिन तब भी मैंने अगर अपने शब्दों या हरकतों से महिला को असहज महसूस कराया तो मैं उसके लिए माफी मांगना चाहूंगा।’’
कांग्रेस के बाद अब माकपा और शिवसेना ने की अकबर के इस्तीफे की मांग
वहीं कांग्रेस के बाद अब माकपा, शिवसेना ने अकबर के इस्तीफे की मांग की हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ‘मी टू’ एक बड़ा अभियान है और ‘‘एक बड़ा मुद्दा’’ है। आगामी 2019 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
आरएसएस के एक शीर्ष पदाधिकारी ने देश में वर्तमान में चल रहे ‘मी टू’ अभियान को समर्थन दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने आंखी दास के फेसबुक पोस्ट को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर ‘मी टू’ अभियान पर अपने विचार व्यक्त किए। दास फेसबुक की पब्लिक पॉलिसी निदेशक हैं।
दास ने अपने पोस्ट में कहा था, ‘‘जिन महिला पत्रकारों ने अपने उत्पीड़न के बारे में बताया था उनके समर्थन के लिए #मी टू की जरूरत नहीं है। आपको महिला होने की भी जरूरत नहीं है। आपको महज इतना संवेदनशील होने की जरूरत है कि क्या सही है और क्या गलत है।’’ होसबोले ने उनके पोस्ट को ट्वीट किया और कहा, ‘‘मैंने इसे लाइक किया। उन्होंने वहीं लिखा है जो मैं महसूस कर रहा था।’’
बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी सरकार से इस मामले पर निर्णय लेने को कहा। उन्होंने कहा कि वह (अकबर) सरकार का हिस्सा हैं और इस बारे में सरकार ही निर्णय करेगी। विभिन्न समाचार संस्थानों में संपादक पद पर रहते हुए अकबर पर कुछ महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

‘मी टू’ अभियान ने पकड़ा जोर
आपको बता दें कि भारत में जारी ‘मी टू’ अभियान (यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान) तूल पकड़ता जा रहा है। कई अन्य महिलाएं अपने अनुभवों को सार्वजनिक तौर पर शेयर कर रही हैं। अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद अब अलग-अलग इंडस्ट्री की बाकी हस्तियों ने भी अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है।
नाना पाटेकर के बाद जहां डायरेक्टर विकास बहल, मशहूर सिंगर कैलाश खेर, प्रसिद्ध लेखक चेतन भगत, अभिनेता रजत कपूर, मॉडल जुल्फी सैयद, फिल्मों और टीवी जगत के ‘संस्कारी बाबू’ यानी अभिनेता आलोक नाथ सहित ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (एचटी) के ब्यूरो प्रमुख और राजनीतिक संपादक प्रशांत झा, रघु दीक्षित, कमेंटेटर सुहेल सेठ और महिला कॉमिक स्टार अदिति मित्तल, बॉलीवुड के शोमैन सुभाई घई, फिल्ममेकर साजिद खान और लेखक-निर्देशक पीयूष मिश्रा भी ‘मी टू’ की चपेट में आए हैं, जिनपर यौन उत्पीड़न, बदसलूकी, गलत तरीके से छूने जैसे आरोप लगे हैं।
फिल्म इंडस्ट्री से ‘मी टू’ अभियान की शुरुआत होने के बाद इसकी चपेट में मीडिया जगत भी आ गया है और इसकी लपटें मोदी सरकार के एक मंत्री को अपने लपेटे में ले रही हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अपने समय के मशहूर संपादक व वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर पर 6 वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं।

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