चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा कि उसने रांकापा प्रमुख शरद पवार को उनके चुनावी हलफनामों के सिलसिले में नोटिस जारी करने के लिए केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को कोई निर्देश नहीं दिया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता पवार ने मंगलवार को कहा था कि आयकर विभाग ने उन्हें चुनाव आयोग को जमा किये गए उनके चुनावी हलफनामों के सिलसिले में नोटिस भेजा है। बता दें कि, मंगलवार को पवार ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा था कि आयकर विभाग ने उनसे उनके कुछ चुनावी हलफनामों के सिलसिले में ‘‘स्पष्टीकरण एवं जवाब’’ मांगा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ कल मुझे नोटिस मिला…हम खुश हैं कि वह (केन्द्र) सभी सदस्यों में से, हमें प्यार करता है… आयकर विभाग ने तब नोटिस जारी किया जब चुनाव आयोग ने उससे ऐसा करने को कहा….हम नोटिस का जवाब देंगे।’’ चुनाव आयोग ने मीडिया की खबरों का हवाला दते हुए एक बयान में कहा, ‘‘भारत चुनाव आयोग ने श्री पवार को नोटिस जारी करने के लिए सीबीडीटी को ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है।’’
पवार इस खबर के बारे में किये गये सवाल का जवाब दे रहे थे कि आयकर विभाग ने उनकी बेटी और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे को भी ऐसा ही नोटिस भेजा है। विवादास्पद कृषि बिलों को लेकर राज्यसभा के आठ निलंबित सदस्यों का समर्थन करते हुए पवार ने कहा कि केंद्र सरकार विरोधियों को टैक्स नोटिस के जरिए डराने धमकाने की कोशिश कर रही है। (इंपुट: भाषा के साथ)