पिछले दिनों से कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस और बीजेपी के बीच सत्ता की कुर्सी के लिए चली रस्साकशी के मामले में अब सुपरस्टार रजनीकांत ने भी प्रतिक्रिया दी है। कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री पद के लिए शक्ति परीक्षण से पहले बीजेपी नेता बी एस यदियुरप्पा के इस्तीफा देने के एक दिन बाद अभिनेता रजनीकांत ने सोमवार (20 मई) को कहा कि पड़ोसी राज्य में हुआ राजनीतिक घटनाक्रम प्रजातंत्र की जीत है।
रजनीकांत ने संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘‘संविधान के मुताबिक बहुमत विधानसभा के भीतर साबित करना होता है। कांग्रेस और जद (एस) यह करने जा रहे हैं और मैं इसे प्रजातंत्र की जीत के रूप में देखता हूं।’’ कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा यदियुरप्पा को बुहमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिये जाने को ‘बेतुका करार देते हुए तमिल सुपरस्टार ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट को सलाम, जिसने (इतना) अच्छा आदेश दिया।’’ उनका संकेत सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की तरफ था जिसमें बीजेपी से विधानसभा में शनिवार को बहुमत साबित करने को कहा गया था।‘ रजनी मक्कल मंदरम ’(रजनी पीपुल्स फोरम) की महिला इकाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद अभिनेता ने कहा कि कावेरी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए।
ढाई दिन में गिरी बीजेपी की सरकार
गौरतलब है कि कर्नाटक में महज ढाई दिन पुरानी बीजेपी की सरकार शनिवार (19 मई) की शाम गिर गई। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत का सामना किए बगैर ही विधानसभा पटल पर अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। चेहरे पर हार के भाव के साथ येदियुरप्पा ने एक संक्षिप्त भावनात्मक भाषण के बाद विधानसभा के पटल पर अपने निर्णय की घोषणा की। अब जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी 23 मई को नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि येदियुरप्पा सरकार शनिवार शाम चार बजे राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल करें। इससे पहले राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा को अपना बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। येदियुरप्पा के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद जद (एस)-कांग्रेस-बसपा गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एच डी कुमारस्वामी ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की और उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
जद (एस) प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के 58 वर्षीय बेटे ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है लेकिन उन्होंने कहा, ‘‘हमें 15 दिनों की जरूरत नहीं है।’’ कांग्रेस–जद (एस) गठबंधन ने 224 सदस्यीय विधानसभा में 117 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। दो सीटों पर विभिन्न कारणों से मतदान नहीं हुआ था जबकि कुमारस्वामी दो सीटों से चुनाव जीत थे। गत 15 मई को घोषित चुनाव परिणामों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई थी।
बीजेपी हालांकि 104 सीटें प्राप्त करके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन वह बहुमत से कुछ दूर रह गई थी।कांग्रेस 78 सीटों पर जीत दर्ज करके दूसरे स्थान पर रही थी, जबकि जद (एस) को 37 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद कांग्रेस और जद (एस) ने गठबंधन कर लिया। येदियुरप्पा का सत्ता में रहने का यह सबसे कम समय था। वह 2007 में जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे उस समय केवल सात दिन ही मुख्यमंत्री रहे थे। वह दूसरी बार उस समय मुख्यमंत्री बने थे जब 2008 में कर्नाटक में बीजेपी ने पहली बार अपनी सरकार बनाई थी।



















