PM मोदी की कथित नराजगी के बावजूद त्रिपुरा के गवर्नर और बीजेपी नेता राम माधव ने किया मूर्ति गिराने का समर्थन

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त्रिपुरा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मूर्ती तोड़ने की घटनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता व्यक्त करते हुए कथित तौर पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा है कि, ‘मैने तमिलनाडु और त्रिपुरा के पार्टी सद्स्यों से बात की है। अगर मुर्ति तोड़ने की घटना में कोई भी बीजेपी का शख्स शामिल होगा तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लेकिन उसके बाद भी त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने इस संबंध में बुधवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘यह एक आधारभूत सवाल है। हमनें इंडिया गेट से जॉर्ज वी को हटा दिया, क्वीन विक्टोरिया को उनके कोलकाता स्थित मेमोरियल से हटा दिया, ओरंगजेब रोड का नाम बदल दिया। क्या होगा अगर सरकार इसी तरह लेनिन की प्रतिमा को हटाने का फैसला करती है, लेनिन सरणी का नाम बदलती है? कोई जवाब?’

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विक्टोरिया मेमोरियल के सामने से उनकी मूर्ति हटाए जाने का बयान गलत है। बता दें कि, मंगलवार को उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार जो फैसला लेती है, लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई दूसरी सरकार उसे बदल भी सकती है।

बता दें कि, यह कोई पहली बार नहीं है कि तथागत रॉय अपने ट्वीट को लेकर मीडिया की सुर्खियों में आए हो। इससे पहले भी वह अपने बयान की वजह से सुर्खियों में रहे है।

वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के नेता राम माधव ने मंगलवार(6 मार्च) को ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराए जाने का समर्थन किया। इसके पीछे उन्होंने दलील दी कि क्योंकि वह मूर्ति पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं थी, इसलिए उसे गिराया जाना गलत नहीं है। बता दें कि, इससे पहले भी बीजेपी नेता राम माधव ने भी मूर्ति गिराए जाने का समर्थन किया था।

नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि, ‘लोग लेनिन की मूर्ति गिरा रहे हैं… रूस में नहीं, त्रिपुरा में, चलो पलटाई’। (उनके ट्वीट के आखिरी दो शब्दों बंगाली हैं, जिनका मतलब है; आओ बदलें)। इस ट्वीट का आलोचना होने के बाद राम माधव ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया था।

बता दें कि, मुर्ति तोड़े जाने की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। पीएम मोदी ने  प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने की घटनाओं को कड़े शब्दों में खारिज करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की।जिसके बाद गृह मंत्रालय ने कहा कि तोड़फोड़ की इन घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। मंत्रालय ने बुधवार (7 मार्च) को राज्य सरकारों को इन मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं को कड़े शब्दों में खारिज किया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए परामर्श में गृह मंत्रालय ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों से प्रतिमाओं को गिराने की घटनाओं की खबरें आ रही हैं जिन्हें गंभीरता से लिया गया है।

इसमें कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वे सभी आवश्यक कदम उठाएं। मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकारों से कहा गया है कि ऐसी घटनाओं में लिप्त सभी लोगों के साथ सख्ती से पेश आया जाए और कानून के उपयुक्त प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। परामर्श में कहा गया कि, ‘‘प्रधानमंत्री ने इस बाबत गृह मंत्री से भी बात की।’’

 

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