त्रिपुरा के राज्यपाल ने फिर किया विवादित ट्वीट, कहा- पटाखों पर सवाल लेकिन अजान पर चुप्पी क्यों

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सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। दिवाली के अवसर पर पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण को देखते हुए शीर्ष अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने वाले 11 नवंबर 2016 के आदेश को बरकरार रखते हुए यह फैसला सुनाया है।हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री बैन होने के बाद सोशल मीडिया से लेकर बुद्धिजीवी वर्ग में बहस छिड़ी हुई है। इस बीच त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने अलसुबह होने वाली अजान को लेकर लोगों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए एक फिर एक के बाद एक विवादित ट्वीट कर नए विवाद को जन्म दे दिया है।

राज्यपाल तथागत रॉय ने मंगलवार(17 अक्टूबर) को ट्वीट किया, ”हर दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर विवाद शुरू हो जाता है, जो साल में कुछ ही दिन जलाए जाते हैं। लेकिन रोज सुबह 4.30 बजे लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर कोई लड़ाई नहीं होती।”

वहीं अपने दूसरे ट्वीट में राज्यपाल ने कहा कि, “लाउडस्पीकर पर अजान से होने वाले प्रदूषण पर सेक्युलर लोगों की चुप्पी ने मुझे हैरान करती है। कुरान या किसी हदीस में लाउडस्पीकर पर अजान की बात नहीं कही गई है।”

एक अन्य ट्वीट में रॉय ने लिखा है कि मुअज्जिन को मीनर पर तेज आवाज में अजान करना होता है ऐसे में मीनारें बनाई गई है, लाउडस्पीकर का प्रयोग इस्लाम के खिलाफ हैं।

बता दें कि इससे पहले भी राज्यपाल ने विवादित ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की खरीद-बिक्री पर बैन के फैसले पर नाखुशी जाहिर की थी। मंगलवार(10 अक्टूबर) को उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि, ”कभी दही हांडी, आज पटाखा, कल को हो सकता है प्रदूषण का हवाला देकर मोमबत्ती और अवार्ड वापसी गैंग हिंदुओ की चिता जलाने पर भी याचिका डाल दे!”

दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री पर रोक

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को कहा था कि पिछले साल नवंबर में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखों की बिक्री पर उसके द्वारा लगाई गई रोक 31 अक्तूबर तक जारी रहेगी। न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पटाखों की बिक्री पर लगी रोक को अस्थायी रूप से हटाने और पटाखों की बिक्री की इजाजत देने वाला शीर्ष अदालत का 12 सितंबर का आदेश एक नवंबर से लागू होगा।

गौरतलब है कि दीवाली 19 अक्तूबर को है और इस आदेश के प्रभावी रहने का मतलब है कि त्योहार से पहले पटाखों की बिक्री नहीं होगी। शीर्ष अदालत ने कहा है कि उसने 12 सितंबर के अपने आदेश में परिवर्तन नहीं किया है लेकिन पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाले 11 नवंबर 2016 के आदेश को एक और बार आजमाना चाहते हैं।

 

 

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