उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हुई हत्या ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। गुजरात ATS के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने दावा किया कि, कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में हिरासत में लिए गए तीनों लोगों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वहीं, दूसरी और कमलेश तिवारी के बेटे का कहना है कि उन्हें प्रशासन की जांच पर भरोसा नहीं है और इस हत्याकांड की जांच NIA को करनी चाहिए।
कमलेश तिवारी की हत्या में हुई गिरफ्तारी पर उनके बेटे सत्यम तिवारी ने कहा है कि उन्हें नहीं पता है कि जो लोग पकड़े गए हैं उन्हीं लोगों ने पिता को मारा है या निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। मृतक के बेटे ने कहा कि अगर यही लोग असली दोषी हैं और इनके खिलाफ कोई वीडियो सबूत है तो इसकी जांच एनआईए (NIA) को करनी चाहिए। सत्यम ने आगे कहा कि अगर उनकी जांच में यह साबित हो जाता है तभी वह लोग संतुष्ट होंगे। उन्होंने आगे कहा, ‘हमको प्रशासन के ऊपर कोई भरोसा नहीं है।’
#सीतापुर : कमलेश तिवारी के बेटे का बयान- हमें प्रशासन के ऊपर भरोसा नहीं है. #KamleshTiwariMurder pic.twitter.com/531dBhlv2b
— UttarPradesh.ORG News (@WeUttarPradesh) October 19, 2019
वहीं, कमलेश तिवारी की मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगते हुए कहा कि, “योगी आदित्यनाथ और भाजपा ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उनके बेटे को मरवा दिया। उन्होंने कहा कि कमलेश तिवारी के चलते योगी और भाजपा की दाल नहीं गल रही थी इसलिए एक बीजेपी नेता के जरिए मेरे बेटे की हत्या करवाई। नाम का खुलासा करते हुए कमलेश तिवारी की मां ने कहा कि, बीजेपी का वो नेता शिव कुमार गुप्ता है।
क्या हिन्दू होना गुनाह है? मेरा बेटा कोई आतंकी था क्या? मृतक कमलेश तिवारी की माँ ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूंछे सीधे सवाल @swamidipankar @Swamijitweets #KamleshTiwari #KamleshTiwariMurder pic.twitter.com/44ur1pGELY
— Gaurav Mishra गौरव मिश्रा ?? (@gauravstvnews) October 19, 2019
Home Secretary & @dgpup आपस की रंजिश मान कर चल रहे है
कमलेश ट्वीट फ़ेस्बुक पर दिन रात BJP के ख़िलाफ़
तिवारी के माँ के हिसाब से उसको भाजपा वाले मारे
UPSTF ने 5 और गुजरात STF ने तीन मुस्लिम को उठाया
वो दो कौन है जिन्होंने क़त्ल किया ? @Kann092 @INCMdKhan #KamleshTiwari pic.twitter.com/bxSvBUjfwd— khushnoor Mirza (@KhushnoorSir) October 19, 2019
उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया है कि पुलिस टीम ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था, जिसमें दो को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। तीन लोग पुलिस की हिरासत में हैं। इनके नाम हैं, रशीद अहमद पठान, मौलाना मोहसिन शेख और फैजान। यूपी और गुजरात पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले को सुलझा लेने का दावा किया है। गुजरात ATS के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
वहीं, लखनऊ डिविजन के कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने कमलेश तिवारी के परिवारजनों से मिलकर उनको दिलासा दिलाई है कि उनको सुरक्षा दी जाएगी और सीएम योगी आदित्यनाथ से जल्द ही मुलाकात कराने का समय तय किया जा रहा है। साथ ही एक आवास, नौकरी की भी सिफारिश कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बड़े बेटे को आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार दिया जाएगा।
बता दें कि, मुस्लिम समुदाय और इसके पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादास्पद टिप्पणी के चलते पहली बार 2015 में सुर्खियों में आए कमलेश तिवारी (45) की कल लखनऊ के खुर्शीदबाग स्थित उनके कार्यालय में बेरहमी से दो अज्ञात लोगों ने गला रेत कर और गोली मार कर हत्या कर दी थी।
Lucknow divisional commissioner after meeting the family of #KamleshTiwari, in Sitapur: A licensed weapon will be provided to the eldest son for self defence. He'll also be recommended for job. They'll be provided appropriate financial help.Investigation being done by a committee https://t.co/PV3lVyjvKk
— ANI UP (@ANINewsUP) October 19, 2019
कमलेश तिवारी की उनके ऑफिस में गला रेतकर हत्या कर दी गई, गला रेतने से पहले उन्हें गोली भी मारी गई थी। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। कमलेश तिवारी की हत्या के बाद बवाल बढ़ता जा रहा है। यहां पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी सरकार ने लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एस. के. भगत की अगुआई में 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
कमलेश तिवारी से नाका के खुर्शीद बाग स्थित ऑफिस में दो लोग मिलने आए थे। ये दोनों मिठाई का डिब्बा लिए हुए थे जिसमें चाकू और असलहा था। बताया जा रहा है कि दोनों ने कमलेश तिवारी से मुलाकात की। बातचीत के दौरान दोनों बदमाशों ने कमलेश के साथ चाय भी पी। इसके बाद उनपर गोली चलाई लेकिन लगी नहीं। इसके बाद बदमाशों ने कमलेश का गला रेत दिया और शरीर पर भी कई वार किए। जिसके बाद कमलेश को आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।