गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कारगिल नायक मोहम्मद सनाउल्लाह को दी जमानत

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गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सेना के सेवानिवृत्त कैप्टन और कारगिल नायक मोहम्मद सनाउल्लाह को जमानत दे दी। बता दें कि, सनाउल्लाह को असम में विदेशी ट्रिब्यूनल द्वारा विदेशी घोषित किया गया था। उन्हें हाल ही में असम के कामरुप जिले के कलाहीकाश गांव से गिरफ्तार किया गया और बाद में डिटेंशन कैंप में नजरबंद कर रखा गया था।

मोहम्मद सनाउल्लाह

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कारगिल के नायक रहें मोहम्मद सनाउल्लाह को फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल (एफ़टी) ने ‘विदेशी’ करार दे दिया था। नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) में उनका नाम न होने की वजह से ट्राइब्यूनल ने यह कदम उठाया था। बता दें कि पूर्व सैन्य अधिकारी और असम पुलिस के सीमा शाखा के एएसआई मोहम्मद सनाउल्लाह को विदेशी नागरिक घोषित किए जाने के बाद से ही उन्हें बरपेटा के डिटेंशन कैंप में रखा गया है।

इस संबंध में सनाउल्लाह की ओर से असम के वरिष्ठ अधिवक्ता हाफिज रसीद चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व मानवाधिकार कार्यकर्ता इंदिरा जयसिंह ने शुक्रवार को गुवाहाटी पहुंचकर सनाउल्लाह के पक्ष में अपना पक्ष रखा। इंदिरा जयसिंह बिना फीस लिए ही पूर्व सैन्य अधिकारी सनाउल्लाह की मदद की। सनाउल्लाह की तरफ से इंदिरा जयसिंह व असम के वरिष्ठ अधिवक्ता हाफिज रसीद चौधरी ने अपना पक्ष रखा। इन दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं को बुरहानुर रहमान व वादुद अहमद ने सहयोग किया।

सनाउल्लाह ने हिरासत में लेने के बाद ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। गुवाहाटी हाईकोर्ट की ओर से सनाउल्लाह मामले में तत्कालीन जांच पुलिस अधिकारी चंद्रमल दास, केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राज्य सरकार एनआरसी अधिकारी को नोटिस जारी किया है।

शुक्रवार को सनाउल्लाह के वकील ने बताया कि उन्हें डिटेंशन सेंटर से रिहा कर दिया गया है। रिहाई से पहले उनसे 20000 हजार रुपये की जमानत राशि, दो लोकल स्योरिटी और बायो-मैट्रिक्स ली गई है। कारगिल युद्ध में शामिल रहे सनाउल्लाह राष्ट्रपति पदक से सम्मानित भी हो चुके हैं। बता दें कि सनाउल्लाह मामले की जांच कर रहे चंद्रामल दास ने मामले में सनाउल्लाह को ‘विदेशी’ घोषित करने वाले दस्तावेजों की पुष्टि की थी और कथित गवाहों के बयान दर्ज किए थे। बाद में इन दस्तावेजों में दर्ज गवाहों ने कहा है कि उनकी कभी भी गवाही नहीं ली गई थी। बाद में उन्होंने दास के खिलाफ ही मामले दर्ज करवाए।

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