पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉ एस.वाई. कुरैशी ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एक्जिट पोल गैरकानूनी है कैसे किसी को वे पहले स्थान पर दिखा सकते है।
ट्विटर पर कुरैशी को लेकर कहा जा रहा है कि सबसे सम्मानित मुख्य चुनाव आयुक्तों में से एक एस. वाई. कुरैशी ने कहा है कि क्या आप जानते है कि एक्जिट पोल अवैध है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक्जिट पोल के ‘प्रचार’ और प्रसार पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिया गया है। कैसे किसी को पहली जगह पर दिखाया जा सकता है।
एक्जिट पोल के गैरकानूनी होने पर बोलते हुए उन्होंने आगे लिखा कि आरपी अधिनियम की धारा 126 को संसद के द्वारा 2008 में संशोधित किया गया था (न की चुनाव आयोग के द्वारा)।
इनके प्रचार और प्रसार पर प्रतिबंध लगा दिया गया था जब यह आयोजित किए गए थे, चुनाव अपने पूरे जोरों पर था और मतदाता मतदान केन्द्रों से बाहर आ रहे थे।
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुरैशी की टिप्पणी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी के लिए बड़ी जीत दिखाने वाली एक्जिट पोल के मद्देनजर आई है। गुजरात में भाजपा नेतृत्व, के प्रति जहां एक और भगवा पार्टी के खिलाफ गुस्सा दिखाई दे रहा था, वहीं कई लोग इसे EVM में कथित धोखाधड़ी को वैध बनाने के लिए एक उपकरण मान रहे है।
जबकि पूर्व में भी उन्होंने इस बारें में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि ओपिनियन पोल की तो इजाजत है लेकिन आखिरी दौर के बाद। जबकि भारत में एक्जिट पोल पर कानूनन पाबंदी लगी है।
People were asking what is the use of such Exit Polls results being hotly debated and discussed?
Simple answer is it legitimises EVM tampered results and giving a shield to BJP well in advance to defend itself. Nothing else https://t.co/tPGPwSvCbD
— Ravi Nair (@t_d_h_nair) December 15, 2017
एग्जिट पोल में भी बीजेपी को बड़ी जीत मिल रही है। गुजरात में बीजेपी के लिए सहज जीत की भविष्यवाणी की गई है। एग्जिट पोल में क्षेत्रवार नतीजे बताया जा रहा है। जिसमें बीजेपी बाजी मारती नजर आ रही है। सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में BJP को 49% वोट शेयर और 41% वोट शेयर कांग्रेस के खाते में जाता नजर आ रहा है। बता दें कि सौराष्ट्र कच्छ में सबसे ज्यादा 54 सीटें हैं। (विस्तृत रिपोर्ट आप यहां भी पढ़ सकते है)