अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत नहीं आएंगे। भारत ने गणतंत्र दिवस के लिए ट्रंप को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत आने में असमर्थता जताते हुए मोदी सरकार के न्योते को ठुकरा दिया है। अमेरिका की तरफ से भारत को संदेश भेजा गया है और ट्रंप के नहीं आने पर खेद जताया गया है।
अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने इस संदर्भ में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को पत्र के माध्यम से सूचित कर दिया है। अधिकारियों ने भारत के न्योता स्वीकार नहीं करने पर खेद जताया है। पत्र में कहा गया है कि उस उक्त ट्रंप की घरेलू व्यस्तताएं हैं, इसलिए भारत का न्योता स्वीकार करने में असमर्थ हैं।
आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनने को लेकर ट्रंप का यह रुख उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा से बिल्कुल उलट है। जो वर्ष 2015 में तमाम घरेलू जिम्मेदारियों के बावजूद गणतंत्र दिवस पर भारत आए थे। ट्रंप ने मोदी सरकार का यह न्योता ऐसे समय पर ठुकराया है जब भारत-अमेरिका के बीच रिश्तों में तनाव आया है। इस तनाव की मुख्य वजह रूस के साथ भारत का रक्षा समझौता और ईरान से तेल का आयात है।
हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के संबंधों में मतभेद खुलकर सामने आए हैं। दरअसल, अमेरिका चाहता था कि भारत रूस से एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 ना खरीदे, लेकिन भारत ने अमेरिकी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए इस डील को अंजाम तक पहुंचाया। भारत की तरफ से फरवरी में ही राष्ट्रपति ट्रंप को न्योता दिया गया था और उम्मीद थी कि ट्रंप भी ओबामा कि तरह भारत के मेहमान बनेंगे।



















