झारखंड की राजधानी रांची के रिम्स में भर्ती चारा घोटाले के मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलने पहुंचे उनके छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को पुलिस ने मिलने से रोक दिया है। शनिवार शाम को लालू से मिलने पहुंचे तेजस्वी यादव को उनसे मुलाकात नहीं करने दिया गया। इससे यहां काफी देर तक पुलिस से कहासुनी के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इससे भड़के तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके राज्य की बीजेपी सरकार पर लालू यादव के साथ साजिश करने का आरोप लगाया है।
तेजस्वी ने रविवार सुबह ट्वीट करके कहा, ‘कल (शनिवार) शाम से रांची अस्पताल में इलाजरत अपने पिता से मिलने की प्रतीक्षा में हूं, लेकिन तानाशाही बीजेपी सरकार नियमानुसार एक बेटे को अपने पिता से मिलने भी नहीं दे रही है। लालू यादव के साथ साजिश की जा रही है। जेल सुरक्षा में और वह भी अस्पताल में ईलाजरत रहते उनके कमरे में रोज छापामारी हो रही है।’
कल शाम से राँची अस्पताल में ईलाजरत अपने पिता से मिलने की प्रतीक्षा में हूँ लेकिन तानाशाही BJP सरकार नियमानुसार एक बेटे को अपने पिता से मिलने भी नहीं दे रही है।लालू जी के साथ साज़िश की जा रही है।जेल सुरक्षा में और वो भी अस्पताल में ईलाजरत रहते उनके कमरे में रोज छापामारी हो रही है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 7, 2019
तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “तानाशाह और अमानवीय भाजपाई सरकार मुझे रांची अस्पताल में ईलाजरत मेरे पिता श्री लालू प्रसाद यादव जी से मिलने नहीं दे रही है। तानाशाही भाजपाई गुंडो की फासीवादी सरकार की ईंट से ईंट बाज देंगा।” तेजस्वी के इस ट्वीट के बाद राजनीति गरमा गई है। पुलिस ने उन्हें बिना अनुमति के मिलने देने की साफ मनाही कर दी है।
तानाशाह और अमानवीय भाजपाई सरकार मुझे राँची अस्पताल में ईलाजरत मेरे पिता श्री @laluprasadrjd जी से मिलने नहीं दे रही है।
तानाशाही भाजपाई गुंडो की फासीवादी सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 6, 2019
तेजस्वी ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में आगे लिखा, “दो सप्ताह पहले डॉक्टरों ने जेल अधीक्षक को लालू जी का इको और X-Ray कराने को कहा था। लेकिन वह इसलिए नहीं हो पा रहा है कि उन्हें दूसरी बिल्डिंग में ले जाने के लिए सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।यह अन्याय है। सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है। यह सरासर मानवीय मूल्यों का उल्लंघन है।”
दो सप्ताह पहले डॉक्टरों ने जेल अधीक्षक को लालू जी का इको और X-Ray कराने को कहा था। लेकिन वह इसलिए नहीं हो पा रहा है कि उन्हें दूसरी बिल्डिंग में ले जाने के लिए सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।यह अन्याय है। सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है। यह सरासर मानवीय मूल्यों का उल्लंघन है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 7, 2019
एनडीए को छोड़कर महागठबंधन में शामिल होने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने इस घटना के सामने आने के बाद एक ट्वीट भी किया है। उन्होंने लिखा, “बिहार में पिछड़ो, दलित, शोषितों, वंचितों और अल्पसंख्यक समुदायों के हक की आवाज बुलंद करने वाले मसीहा आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी बीमार हैं। नीतीश जी सह पर भाजपा सरकार ने इन्हें साजिशन जेल में बंद कर रखा है। इन्हें पुत्र तेजस्वी जी से मिलने न देना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
#बिहार में पिछड़ो, दलितों, शोषितों, वंचितों और अल्पसंख्यक समुदायों के हक की आवाज बुलंद करने वाले मसीहा आदरणीय श्री @laluprasadrjd जी बीमार हैं। नीतीश जी की सह पर भाजपा सरकार ने इन्हें साजिशन जेल में बंद कर रखा है। इन्हें पुत्र @yadavtejashwi जी से मिलने न देना दुर्भाग्यपूर्ण है। pic.twitter.com/XP0X9MCdoh
— Upendra Kushwaha (@UpendraRLSP) April 6, 2019
वहीं, जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और एनडीए के पूर्व संयोजक शरद यादव ने भी ट्वीट इसकी निंदा की है। “समाज के वंचित तबके के हक की लड़ाई हमने साथ मिलकर लडी| श्री लालू यादव को साजिश के तहत फंसाया गया। लम्बे समय से वह बीमार हैं और ऐसी स्थिति में भी बेटे तेजस्वी यादव को उसके पिता से नहीं मिलने देना मानवीय मूल्यों की हत्या है। घोर निंदनीय।”
समाज के वंचित तबके के हक की लड़ाई हमने साथ मिलकर लडी| श्री @laluprasadrjd
को साजिश के तहत फंसाया गया| लम्बे समय से वह बीमार हैं और ऐसी स्थिति में भी बेटे @yadavtejashwi
को उसके पिता से नहीं मिलने देना मानवीय मूल्यों की हत्या है| घोर निंदनीय| https://t.co/DnEG8h5dBr— SHARAD YADAV (@SharadYadavMP) April 6, 2019



















