RSS प्रमुख मोहन भागवत की फोटो से छेड़छाड़ मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक को दो साल की सजा

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने पूर्व कांग्रेस विधायक कल्पना पारूलेकर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की फोटो से छेड़छाड़ करने के मामले में मंगलवार(3 अक्टूबर) को दो साल की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, सजा सुनाने के बाद उन्हें अदालत से जमानत भी मिल गई।कल्पना परुलेकर पर साल 2011 में एक पत्रकार वार्ता के दौरान जाली तस्वीर दिखाने का आरोप था। उन्होंने विधान सभा सत्र के दौरान आरोप लगाया था कि लोकायुक्त नावलेकर का आरएसएस के साथ संबंध है। अदालत ने कल्पना को आरएसएस प्रमुख की हाई कोर्ट के पूर्व जज पीपी नावलेकर के साथ फर्जी तस्वीर तैयार करने का दोषी पाया।

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गोयल ने भागवत की फोटो से छेड़छाड़ करने के मामले में कल्पना को दोषी करार देते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई। इसके अलावा कल्पना पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने कल्पना को आईटी कानून एवं भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया है।

दरअसल, महिदपुर (उज्जैन) से निर्वाचित तत्कालीन कांग्रेस विधायक परूलेकर ने 29 नवंबर 2011 को संवाददाता सम्मेलन कर मीडिया को तत्कालीन लोकायुक्त पी पी नावलेकर की एक फोटो उपलब्ध कराई थी, जिसमें नावलेकर को आरएसएस के गणवेश में दिखाया गया था।

कल्पना ने कहा था कि नावलेकर के ससुर बीजेपी सांसद हैं इसलिए संघ के दबाव के कारण ही उन्हें लोकायुक्त पद सौंपा गया है। इस दौरान अपनी बात को प्रमाणित करने के लिए परूलेकर ने पत्रकारों के बीच नावलेकर को संघ के गणवेश में प्रार्थना करते हुए दर्शाया था।

इसके बाद एक व्यक्ति गोपाल कृष्ण धनोतिया ने मध्यप्रदेश विशेष कार्य बल में कल्पना के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए कहा था कि उन्होंने मोहन भागवत की फोटो पर काट-छांट कर नावलेकर का चेहरा फिट किया है। इसके बाद इस मामले को अपराध शाखा को हस्तांतरित किया गया था। सीआईडी ने कल्पना के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी, जिस पर मंगलवार को फैसला आया। हालांकि, फैसले के कुछ ही मिनटों में उन्हें उसी अदालत से जमानत भी मिल गई।

 

 

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