PM मोदी की जगह अगले प्रधानमंत्री को लेकर संसद के गलियारों में लगने लगे कयास, जानें किस नाम पर हो रही सबसे ज्यादा चर्चा

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गुजरात विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को दावों के विपरित कम सीटे मिलने और हाल ही में राजस्‍थान की दो लोकसभा और एक विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में बीजेपी की करारी हार के बाद पार्टी में अब अगले प्रधानमंत्री को लेकर नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है।

PHOTO: (MARK SCHIEFELBEIN/AFP/Getty Images)

अगर मीडिया रिपोर्ट की मानें तो संसद के गलियारों में अब नए प्रधानमंत्री को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अगर बीजेपी बहुमत के आंकड़े से दूर रहती है तो नरेंद्र मोदी अगले प्रधानमंत्री नहीं होंगे। हालांकि जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भी प्रधानमंत्री बनने की संभावना नजर नहीं आ रही है।

दरअसल, रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान उपचुनाव में बीजेपी को मिली करारी हार के बाद कई विपक्षी सांसदों ने अगले लोकसभा चुनाव और प्रधानमंत्री को लेकर भविष्यवाणी की है। विपक्षी सांसदों के मुताबिक 2019 में बीजेपी ज्यादा से ज्यादा 220 सीटें जीतेगी, इसका मतलब होगा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे।

हालांकि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कांग्रेसी सांसदों को यह बात गले से नहीं उतर रही है कि राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। एक जाने-माने यूपीए के सांसद ने कहा कि न तो नरेंद्र मोदी और न ही राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, बल्कि पश्चित बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

वहीं, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि कम निरंकुश और ज्यादा मिलनसार गृह मंत्री राजनाथ सिंह त्रिशंकु संसद की सूरत में संभावित सहयोगी दलों के लिए स्वीकार्य हो सकते हैं। कांग्रेसी नेता का दावा है कि नरेंद्र मोदी तभी सरकार बना सकते हैं जब बीजेपी अपने दम पर 240 सीटें जीते। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से राय मांगी गई तो उन्होंने अभी से इस पर टिप्पणी करने से करने से मना कर दिया।

हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेताओं का मानना है कि उनकी पार्टी के लिए राजस्थान उपचुनाव के परिणाम संजीवनी की तरह हैं। इस सकारात्मक परिणाम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। 2019 में होने वाले आम चुनाव में पार्टी को उम्मीद है कि गुजरात और राजस्थान की जनता ने जिस प्रकार से कांग्रेस पर भरोसा जताया है अगर यही भरोसा लोकसभा चुनाव में भी जता दिया तो राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

वहीं बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर ‘जनता का रिपोर्टर’ से कहा कि पार्टी को पीएम मोदी और अमित शाह ने एक तरह से अपने कब्जे में लिया है। नेता ने दावा किया है कि अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी के अंदर पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ बगावत के सुर तेज हो सकते हैं। बीजेपी नेता का तो यह भी दावा है कि अगले आम चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ कई अन्य नेता भी खड़ा हो सकते हैं।

बता दें पिछले दिनों ‘जनता का रिपोर्टर’ के प्रधान संपादक रिफत जावेद ने भी अपने एक लेख में इस बात की आशंका जाहिर की थी। रिफत जावेद ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र करते हुए लिखा था कि गुजरात चुनाव के नतीजों ने राजनितिक विश्लेषकों को अपने आंकलनों की नए सिरे से समीक्षा करने को मजबूर कर दिया है। गुजरात में भाजपा भले ही जीत गई हो, लेकिन जिस खूबी से कांग्रेस ने भगवा पार्टी के किले में सेंध लगाने में कामयाबी हासिल की वो क़ाबिले तारीफ़ थी।

गुजरात में भाजपा को कड़ी चुनौतो मिलेगी इस का आभास पिछले साल होने वाले राज्यसभा चुनाव के नतीजों से हो गया था, जब अनथक कोशिशों के बावजूद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कांग्रेस के चाणक्य अहमद पटेल को राज्य सभा में जाने से नहीं रोक पाए। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई महत्वपूर्ण उपचुनाव हुए और इन चुनावों में सत्ताधारी भाजपा को शर्मनाक शिकस्तों का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस ने यहां न सिर्फ 18 नगरपालिकाओं में से नौ पर अपना क़ब्ज़ा जमाया, बल्कि इस ने धार सहित कम से कम सात ऐसी जगहों पर अपना परचम लहराया जहां पहले भाजपा का क़ब्ज़ा था। वहीं राजस्थान में पिछले दिनों तीन महत्वपूर्ण उपचुनाव हुए। अजमेर और अलवर लोक सभा सीटों के साथ साथ भाजपा को मंडलगढ़ विधानसभा सीट पर भी बड़ी हार का सामना करना पड़ा। ये तीनों ही सीटें पहले भाजपा के क़ब्ज़े में थी।

दरअसल, गुजरात चुनाव में कांग्रेस की सीटें बढ़ने और राजस्थान के उपचुनाव में उसके जीत दर्ज करने से पार्टी में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी समेत ज्यादातर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में 2019 में पार्टी की खोई साख वापस लाने की उम्मीद जगी है। जानकारों की मानें तो पिछले कुछ समय में राहुल गांधी की लोकप्रियता में भी काफी इजाफा देखने को मिला है।

 

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