अगले महीने दिसंबर में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दौसा के भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के सांसद हरीश मीणा ने बुधवार (14 नवंबर) को कांग्रेस में शामिल का दामन थाम लिया।
Express Photo by Rohit Jain Parasसमाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा पार्टी के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे की उपस्थिति में मीणा ने कांग्रेस का हाथ थामा। मीणा का कांग्रेस में स्वागत करते हुए पार्टी के संगठन महासचिव गहलोत ने कहा, ‘पूरे देश में कांग्रेस में शामिल होने के लिए लोगों की कतार लगी गई। आज इसी क्रम में मीणा बिना किसी शर्त के कांग्रेस में शामिल हुए हैं।’
उन्होंने कहा कि मीणा के आने से राजस्थान में पार्टी मजबूत होगी। हरीश मीणा राजस्थान की दौसा सीट से भाजपा के सांसद हैं। उन्होंने 2014 के आम चुनाव में अपने बड़े भाई और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नमोनारायण मीणा को पराजित किया था।
पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में राज्य के पुलिस प्रमुख रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी हरीश मीणा मार्च 2014 में भाजपा में शामिल हुए। पार्टी ने उन्हें दौसा सीट पर उनके ही बड़े भाई और तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री नमोनारायण मीणा के खिलाफ उतारा। इस सीट पर हरीश विजयी रहे जबकि किरोड़ीलाल मीणा दूसरे और नमोनारायण मीणा तीसरे स्थान पर आए।
इस बीच गहलोत ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव में वह खुद और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट चुनाव मैदान में उतरेंगे। गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘भाजपा की ओर से प्रचारित किया जा रहा था कि कांग्रेस में फूट है, अंदरूनी कलह है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं यानी गहलोत और पायलट दोनों ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।’
इस मौके पर मौजूद पायलट ने भी कहा, ‘राहुल गांधी के निर्देश और गहलोत जी के निवेदन पर मैं चुनाव लडूंगा। गहलोत जी भी चुनाव लड़ेंगे।’ गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों के लिए सात दिसंबर को चुनाव होगा, जबकि नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।