बिहार के मोतिहारी जिले में स्थित महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी(MGCU) के असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया था, जिसपर उसके साथ मारपीट की गई। प्रोफेसर संग मारपीट के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ विभिन्न आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। प्रोफेसर के साथ मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एक न्यूज़ वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र डिपार्टमेंट के प्रोफेसर संजय कुमार के सहयोगियों ने बताया कि मारपीट के चलते उन्हें कई गंभीर चोटें आई हैं, हालत इतनी खराब है कि वह बार-बार बेहोश हो रहे हैं। वहीं पीड़ित प्रोफेसर संजय कुमार ने शिकायत में पुलिस को बताया कि आजाद नगर स्थित अपने कमरे में थे तभी 20-25 लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
साथ ही उन्होंने बताया कि हमलावरों का नेतृत्व अमन बिहारी वाजपेयी कर रहा था। संजय कुमार के मुताबिक हमलावरों ने उनसे कहा कि वह मोतिहारी विवि के वीसी और अन्य लोगों के खिलाफ क्यों बोलते हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ ंमारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहें इस वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोगों का ग्रुप प्रोफेसर को बुरी तरह पीट रहें है। वीडियो में दिख रहा है कि इस दौरान कुछ लोग प्रोफेसर को बचाने की भी कोशिश कर रहें है।
ख़बरों के मुताबिक, असिस्टेंट प्रोफेसर के संग मारपीट के आरोपी में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 323, 325, 147, 148, 149, 365, 448, 506 और 120-बी के तहत मामल दर्ज किया है। शिकायत के बाद पुलिस अब इस मामले की छानबीन में जुट गई है।
देखिए वीडियो :
महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी(MGCU) के असिस्टेंट प्रोफेसर को बुरी तरह पीटा
बिहार के मोतिहारी जिले में स्थित महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी(MGCU) के असिस्टेंट प्रोफेसर को बुरी तरह पीटा। प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर फेसबुक पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया था।http://www.jantakareporter.com/hindi/beating-an-assistant-professor-of-mgcu-in-bihar/203351/
Posted by जनता का रिपोर्टर on Friday, August 17, 2018
इस घटना के बाद लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे व बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सुशासन वाली सरकार में दंगाइयों का खुब बोलबाला है। पहले एक मंत्री के दंगाई बेटे का कारनामा तो देखा हीं, अब मोतिहारी में ABVP कार्यकर्ताओं का मनोबल देखिए, दिनदहाड़े सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को भगा-भगा के पिट दिया। सुशासन अभी गहरी नींद में है, खबरदार जो किसी ने DISTURB किया..!”
सुशासन वाली सरकार में दंगाइयों का खुब बोलबाला है।
पहले एक मंत्री के दंगाई बेटे का कारनामा तो देखा हीं, अब मोतिहारी में ABVP कार्यकर्ताओं का मनोबल देखिए,दिनदहाड़े सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को भगा-भगा के पिट दिया।सुशासन अभी गहरी नींद में है,खबरदार जो किसी ने DISTURB किया..! pic.twitter.com/eyNCT5DwED
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) August 18, 2018
वहीं, आम आदमी पार्टी(आप) के प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, “बिहार के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संजय कुमार को दिनदहाड़े गुंडों ने पीट-पीटकर और जलाकर मारने की कोशिश करी!उनके साथी प्रोफेसरों के मुताबिक यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अरविंद अग्रवाल के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया है! सुशासन या दुशासन?”
बिहार के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संजय कुमार को दिनदहाड़े गुंडों ने पीट-पीटकर और जलाकर मारने की कोशिश करी!उनके साथी प्रोफेसरों के मुताबिक यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अरविंद अग्रवाल के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया है! सुशासन या दुशासन?
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) August 17, 2018
बिहार के मोतिहारी में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संजय कुमार पर संघी गुंडों द्वारा हमला,पेट्रोल डालकर जलाने व मॉब लिंचिंग की कोशिश की गयी।
ये कैसा दौर है भाई जहाँ संघी वीसी अपने ही प्रो० के ख़िलाफ हिंसा को बढ़ावा देते है।
— Sanjay Yadav (@sanjuydv) August 17, 2018
असहमति/विरोध के 'अपराधीकरण' की श्रृंखला में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संजय कुमार पर हमला और उन्हें पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की गयी.शर्म आनी चाहिए! ये हमारी 72 वर्ष की आज़ादी की यात्रा के मायने हैं? @NitishKumar @BiharpoliceHq
— Manoj K Jha (@manojkjhadu) August 17, 2018
बता दें कि भारतीय सियासत के अमिट हस्ताक्षर एवं कालजयी स्तम्भ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार (17 अगस्त) पंचतत्व में विलीन हो गए। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। कृतज्ञ राष्ट्र ने अश्रुपूरित नेत्रों के साथ अपने इस महान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी। अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर किया गया। उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्या ने उन्हें मुखाग्नि दी।
बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार (16 अगस्त) शाम निधन हो गया। भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार शाम 5.05 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन पर सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। 93 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता को गुर्दे में संक्रमण, मूत्र नली में संक्रमण, पेशाब की मात्रा कम होने और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।