अलविदा अटल LIVE: पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, बेटी नमिता ने दी मुखाग्नि

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भारतीय सियासत के अमिट हस्ताक्षर एवं कालजयी स्तम्भ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार (17 अगस्त) पंचतत्व में विलीन हो गए। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। कृतज्ञ राष्ट्र ने अश्रुपूरित नेत्रों के साथ अपने इस महान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी। अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर किया गया। उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्या ने उन्हें मुखाग्नि दी।

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार (16 अगस्त) शाम निधन हो गया। भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार शाम 5.05 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन पर सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। 93 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता को गुर्दे में संक्रमण, मूत्र नली में संक्रमण, पेशाब की मात्रा कम होने और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।

शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। वाजपेयी की अंतिम यात्रा में बीजेपी मुख्यालय से उनके पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे वाहन के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पैदल चल रहे थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और श्रीलंका के विदेश मंत्री ने स्मृति स्थल पर जाकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।

अटल बिहारी वाजपेयी को भूटान नरेश ने स्मृति स्थल पर पहुंच श्रद्धांजलि दी। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मृति स्थल पर अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। स्मृति स्थल पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा अघ्यक्ष सुमित्रा महाजन, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।

इसके अलावा तीनों सेनाध्यक्षों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, कई केन्द्रीय मंत्री और विजय रूपाणी, शिवराज चौहान, योगी आदित्यनाथ और देवेन्द्र फडणवीस समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए राष्ट्रीय स्मृति स्थल ले जा रहे वाहन के पीछे चल रहे थे।

देखिए, लाइव अपडेट्स:-

  • पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
  • बीजेपी मुख्यालय से रवाना हुई पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा, पीएम मोदी और अमित शाह समेत बीजेपी के कई शीर्ष नेता मौजूद
  • बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास से दीन दयाल मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में ले जाया गया। इस दौरान सड़क के दोनों किनारों पर लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन की लालसा में खड़े रहे।
  • तिरंगे में लिपटा वाजपेयी का पार्थिव शरीर फूलों से सजे तोप ले जाने वाले वाहन पर रखा हुआ था। उनका पार्थिव शरीर सुबह करीब 10 बजे बीजेपी मुख्यालय के लिए रवाना हुआ। पूरा रास्ता ‘अटल बिहारी अमर रहें’ के नारों से गूंजता रहा।
  • बीजेपी मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित तमाम केन्द्रीय मंत्रियों एवं अन्य लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किये।
  • वाजपेयी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा दोपहर एक बजे भाजपा मुख्यालय से शुरू होगी। उनका अंतिम संस्कार शाम चार बजे ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर किया जाएगा।
  • आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख बिपिन रावत, नौसेना प्रमुख सुनील लाम्बा और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने वाजपेयी के अंतिम दर्शन किये।
  • बीजेपी मुख्यालय पहुंचा पूर्व पीएम अटल बिहारी का पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटी
  • बीजेपी मुख्यालय के लिए निकला अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़
  • कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और तीनों सशस्त्र बलों के प्रमुखों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा कलाकार अजीत डोभाल ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में थे। वह 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे थे। वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है। वाजपेयी 1996 से 2004 के बीच तीन बार प्रधानमंत्री रहे। पहली बार 13 दिन के लिए, फिर 1998 और 1999 के बीच 13 महीनों के लिए और फिर 1999 से 2004 तक।

वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे। अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे। आजीवन राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वजपेयी लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे।

वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे और इसी निष्ठा के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था। सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उन्होंने अपने संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया। वाजपेयी ने 2005 में सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था। अटल बिहारी वाजपेयी को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 2015 में उन्हें भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

12 बार सांसद रहे

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कुल मिलाकर 47 साल तक संसद के सदस्य रहे। वह 10 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के लिए चुने गए। एकमात्र बार वह 1984 में लोकसभा चुनाव हारे थे जब कांग्रेस के माधवराव सिंधिया ने ग्वालियर में उन्हें करीब दो लाख वोटों से शिकस्त दी थी। वाजपेयी ने 10वीं, 11वीं, 12वीं, 13वीं और 14वीं लोकसभा में 1991 से 2009 तक लखनऊ का प्रतिनिधित्व किया।

दूसरी और चौथी लोकसभा के दौरान उन्होंने बलरामपुर का नेतृत्व किया, पांचवीं लोकसभा के लिये वह ग्वालियर से चुने गए जबकि छठीं और सातवीं लोकसभा में उन्होंने नयी दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया। वाजपेयी 1962 और 1986 में राज्यसभा के लिये निर्वाचित हुए। मुंबई में पार्टी की एक सभा में दिसंबर 2005 में वाजपेयी ने चुनावी राजनीति से अपने को अलग करने की घोषणा की। वह करीब 47 सालों तक सांसद रहे।

 

 

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