गुजरात कांग्रेसी विधायकों के रिसॉर्ट पर IT के छापेमारी को लेकर जेटली ने संसद में बोला झूठ? CCTV से खुलासा

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आयकर विभाग ने बुधवार(2 जुलाई) को कर चोरी के मामले में कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के 64 ठिकानों पर छापा मारा। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मदद से दिल्ली और कर्नाटक में की गई छापेमारी में 10 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। बता दें कि ऊर्जा मंत्री शिवकुमार की मेजबानी में ही बेंगलुरु के निकट स्थित एक रिजॉर्ट में गुजरात के 44 कांग्रेसी विधायक ठहरे हुए हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, छापे के दौरान शिवकुमार बेंगलुरु के पास स्थित ईगल्टन रिजॉर्ट में गुजरात के 44 विधायकों के ठहरने की व्यवस्था का प्रभार देख रहे थे। इसके बाद आयकर टीम मंत्री को रिजॉर्ट से बेंगलुरु स्थित उनके घर ले गई। उधर, कांग्रेस ने इस छापेमारी का विरोध किया है।

राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि केंद्र सरकार आयकर विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक साजिशों के लिए कर रही है। यह बीजेपी के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने के लिए राजनीति से प्रेरित कार्रवाई है। वह इस तरह की चीजों से नहीं डरेंगे। बता दें कि गुजरात कांग्रेस में बगावत के चलते पार्टी ने अपने 44 विधायकों को ईगल्टन रिजॉर्ट में ठहराया हुआ है।

कांग्रेस को आशंका है कि 8 अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी उसके और विधायकों को तोड़ सकती है। गौरतलब है कि कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला समेत सात विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिससे में से तीन विधायक बीजेपी का दामन थाम चुके हैं।

कांग्रेस ने लगाया विधायकों को धमकाने का आरोप

कांग्रेस ने छापेमारी का मुद्दा लोकसभा में भी उठाया। पार्टी नेता मल्लिकाजरुन खड़गे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के एक राज्यसभा सदस्य को जीतने से रोकने के लिए केंद्र सरकार गुजरात के कांग्रेस विधायकों को डराने, धमकाने का प्रयास कर रही है। सरकार ने छह सदस्यों को दल बदलने के लिए विवश भी किया।

उन्होंने कहा कि इसलिए गुजरात के 44 कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु के एक रिजॉर्ट में सुरक्षित रखा गया। लेकिन सरकार ने बुधवार सुबह आयकर विभाग के अधिकारियों को रिजॉर्ट में भेजकर विधायकों को डराने, धमकाने का प्रयास किया है। खड़गे ने कहा कि कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं पर भी छापेमारी की कार्रवाई की गई है।

वित्त मंत्री जेटली ने आरोपों को किया खारिज

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दोनों सदनों में कर्नाटक के मंत्री के ठिकानों पर हुई छापेमारी पर बयान देकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने रिजॉर्ट पर गुजरात के विधायकों से न तो पूछताछ की और न ही उनकी तलाशी ली। कांग्रेस इसे गुजरात में होने वाले राज्यसभा चुनाव से न जोड़ें। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध के खिलाफ हुई है।

जेटली ने कहा कि आयकर विभाग ने कर्नाटक के एक मंत्री और उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की है। जब कांग्रेस के मंत्री को छापे की जानकारी मिली तो वे रिजॉर्ट पर चले गए। आयकर विभाग के अधिकारियों के लिए मंत्री का बयान लेने के लिए संपर्क करना जरूरी था। इसलिए वे रिजॉर्ट पर गए और वहां से मंत्री को पूछताछ के लिए लेकर आए। जब अधिकारी रिजॉर्ट पर पहुंचे तो कांग्रेस के संबंधित नेता कागजों को फाड़ रहे थे।

CCTV में कैद हुई हकीकत

हालांकि, अंग्रेजी न्यूज चैनल इंडिया टुडे को रिजॉर्ट के CCTV फुटेज मिले हैं, जिसमें स्पष्ट तौर से दिखाई दे रहा है कि आयकर विभाग अधिकारी रिजॉर्ट में ठहरे कांग्रेस नेताओं के कमरों में घुसते दिख रहे हैं। यह फुटेल सामने आने के बाद कांग्रेस जेटली पर राज्यसभा को गुमराह करने के आरोप लगा रही है।

साथ ही कांग्रेस का कहना है कि वह इस मामले को संसद में भी उठाएगी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इंडिया टूडे से कहा कि गुरुवार को वह सदन में यह मुद्दा उठाएंगे और जेटली के खिलाफ विशेषाधिकारी हनन का नोटिस देगी। कांग्रेस का कहना है कि शिवकुमार और उनके बेटे रिसॉर्ट में विधायकों की देखरेख कर रहे हैं, इसलिए उनपर छापा मारा गया है।

 

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