सर सैयद अहमद जयंती समारोह में योगी के मंत्री को आमंत्रित करने पर भड़के AMU के छात्र, वीसी को दिया अल्टीमेटम

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की 200वीं जयंती समारोह में शामिल हाेने के लिए कुछ योगी सरकार के एक मंत्री सहित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं को आमंत्रित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले का छात्रों द्वारा पुरजोर तरीके से विरोध किया जा रहा है।इस संबंध में छात्रों ने वाइस चांसलर तारिक मंसूर को अल्टीमेटम दिया है। साथ ही छात्रों द्वारा वीसी से इस मामले में अपना पक्ष रखने की मांग की है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ जिले के बीजेपी अध्यक्ष देवराज सिंह और योगी सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह को इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने आमंत्रित किया है, लेकिन बीजेपी नेताओं को दिए गए इस निमंत्रण को लेकर छात्रों ने खुद को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है।

वहीं, इस मामले पर एएमयू प्रशासन के जनसंपर्क कार्यालय ने अपने आधिकारिक पेज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी न्यूज पर एक संदेश जारी कर कहा है कि प्रोटोकॉल के एक हिस्से के तहत पूर्व राष्ट्रपति के दौरे के लिए राज्य सरकार द्वारा एक मंत्री को ‘मिनिस्टर इन वेटिंग’ के रूप में नामित किया गया था और इस बारे में जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय को सूचित किया गया था। इस प्रोटोकॉल का पालन ही सर सैयद अहमद खान के जयंती समारोह में किया गया था।

कल्याण सिंह के पोते हैं संदीप सिंह

बता दें कि संदीप सिंह राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के पोते एवं सांसद राजवीर सिंह के बेटे हैं। अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में जिन बीजेपी नेताओं पर आपराधित साजिश के तहत आरोप तय हुआ है उनमें कल्याण सिंह का नाम भी शामिल है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि बीजेपी नेता कल्याण सिंह जब तक राज्यपाल के पद पर हैं, उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चल सकता। बता दें कि राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उसी समय ढांचा ढहाया गया था।

योगी सरकार के दबाव में AMU ने किया आमंत्रित?

नाराज छात्रों ने वाइस चांसलर को लिखे पत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा है कि क्या योगी सरकार के दबाव में आकर बीजेपी नेताओं को आमंत्रित किया गया है? क्या इस संबंध में सरकार से कोई फैक्स मिला है? दरअसल छात्रों का आरोप है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने सर सैयद अहमद की 200वीं जयंती पर चर्चा का आयोजन किया था तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने इसे बाधित किया था। उनका कहना रहा है कि सैयद ने दो राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन किया था, ऐसे में उन्हें इस आयोजन में कैसे बुलाया गया।

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