योगी की पुलिस से गैंगरेप पीड़िता को नहीं मिला इंसाफ तो नाबालिग ने की खुदकुशी

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उत्तर प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने हैं, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती राज्य में बिगड़े कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करना है। आए दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिसका ताजा मामला यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृहनगर इलाहाबाद से सामने आया है जहां पर गैंगरेप की शिकार एक नाबालिग लड़की ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। पीड़ित छात्रा की मौत ने जिला महकमे में भूचाल ला दिया है।

प्रतिकात्मक फोटो

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मामला इलाहाबाद के फूलपुर थाना क्षेत्र के बुढ़िया का इनारा इलाके का बताया जा रहा है। आरोप है कि पीड़ित लड़की पुलिस के रवैये से बेहद दुखी थी और इंसाफ न मिलने की वजह से अपने साथ हुई हैवानियत के चौथे दिन जहर खाकर आत्महत्या कर ली। ख़बरों के मुताबिक, पीड़िता के पिता यहां रामप्रसाद केसरवानी चाय समोसे की दुकान चलाते हैं।

रामप्रसाद ने बताया कि एक हफ्ते पहले मोबाइल की दुकान चलाने वाले बेटी को घर से रात के समय उठा ले गए थे, जब उनकी आंख खुली तो बेटी नहीं थी। बेटी की तलाश की तो मोबाइल की दुकान से उसकी चीख सुनी, इसकी सूचना पुलिस को दी। रामप्रसाद ने बताया कि तब पुलिस ने आकर बेटी को आजाद कराया, पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया था। लेकिन उनमें से एक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया थे।

यही फरार हुआ आरोपी लगातार परिजनों पर दबाव बना रहा था कि वह शिकायत वापस ले लें, नहीं तो जान से मार देंगे।बेटी ने इन्हीं बातों से आहत होकर जहर खाया और आत्महत्या कर ली। ख़बरों के मुताबिक, परिवार की मानें तो पुलिस भी आरोपियों का साथ देते हुए उनपर समझौते के लिए दबाव बना रही थी। परिवार पर ढाए जा रहे जुल्म पीड़िता से सहन नहीं हुए और उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस के लापरवाही की इंतेहा तो देखिए, गैंगरेप पीड़िता के खुदकुशी के बाद हरकत में आई पुलिस के आला अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर समझौते का दबाव डालने वाले इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दे रहे हैं।

गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री योगी ने अपराधियों का खात्मा करने का वादा किया है, लेकिन उनके राज में पुलिस और अपराधियों की कार्यशैली को सरलता से समझा जा रहा है। सहारनपुर में हिंसा का मामला, मथूरा में लूट व हत्या और एक्सप्रेस वे पर गैंगरेप योगी सरकार को सवालों के कटघरें में खड़ा करती है।

 

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