PM मोदी को ‘डिवाइडर इन चीफ’ बताने वाली ‘टाइम’ मैगजीन के बदले सुर, अब बताया ‘भारत को जोड़ने वाला सबसे बड़ा नेता’

0

लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रचंड जीत के बाद मशहूर अमेरिकी मैगजीन टाइम ने अब यू-टर्न ले लिया है। जी हां, वही टाइम मैगजीन जिसने भारत के आम चुनाव से पहले अपनी कवर स्टोरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘इंडियाज डिवाइडर इन चीफ’ यानी ‘प्रमुख विभाजनकारी’ बताया था, उसने चुनाव परिणाम के तत्काल बाद पलटी मारते हुए अब एक रिपोर्ट जारी की है, जिसका शीर्षक है- ‘मोदी हैज यूनाइटेड इंडिया लाइक नो प्राइम मिनिस्टर इन डेकेड्स’ यानी “मोदी ने भारत को इतना एकजुट किया, जो कि दशकों में कोई प्रधानमंत्री नहीं कर पाया।”

फोटो: सोशल मीडिया

यह लेख टाईम की वेबसाइट पर मंगलवार को प्रकाशित हुआ। इसमें एक सवाल पूछा गया है कि, “कैसे यह कथित विभाजनकारी शख्सियत न केवल सत्ता में कायम रह पाया है, बल्कि उसके समर्थक और भी ज्यादा बढ़ गए हैं?” और, इस प्रश्न के जवाब में लेख में कहा गया है, “एक प्रमुख कारक यह रहा है कि मोदी भारत की सबसे बड़ी कमी: जातिगत भेदभाव को पार करने में कामयाब रहे हैं।” इसके लेखक, मनोज लाडवा ने मोदी के एकजुटता के सूत्रधार के रूप में उभरने का श्रेय उनके पिछड़ी जाति में पैदा होने को दिया है।

पीएम मोदी की तारीफों के बांधे पुल

इस ताजा लेख में लाडवा ने लिखा है, “नरेंद्र मोदी का जन्म भारत के सबसे वंचित सामाजिक समूहों में से एक में हुआ था। बिल्कुल शीर्ष पर पहुंचते हुए, वह आकांक्षापूर्ण कामगार वर्ग को प्रतिबिंबित करते हैं और अपने देश के सबसे गरीब नागरिकों के रूप में अपनी पहचान पेश कर सकते हैं, जैसा कि आजादी के बाद 72 सालों में सबसे ज्यादा समय भारत की सत्ता पर रहने वाला नेहरू-गांधी राजनीतिक वंश कभी नहीं कर सकता।”

(टाइम की वेबसाइट पर प्रकाशित पीएम मोदी पर ताजा लेख)

उन्होंने 1971 में इंदिरा गांधी को मिली भारी जीत का जिक्र करते हुए कहा, “लेकिन, फिर भी उनके पहले कार्यकाल के पूरे समय के दौरान और उनकी इस बार की चुनावी दौड़ के दौरान मोदी की नीतियों के खिलाफ कड़ी और अक्सर अनुचित आलोचनाओं के बावजूद, पिछले पांच दशकों में कोई भी प्रधानमंत्री भारत के मतदाताओं को इतना एकजुट नहीं कर पाया, जितना उन्होंने किया है।”

पहले बताया था ‘डिवाइडर इन चीफ’

पीएम मोदी पर टाइम का यह ताजा लेख मैगजीन के इसी महीने 20 मई के अंक में प्रकाशित पत्रकार आतिश तासीर की कवर स्टोरी से बिल्कुल जुदा है। उसमें तासीर ने मोदी सरकार की आलोचना की थी। चुनाव पूर्व टाइम में प्रकाशित हुए आतिश तासीर के लेख को चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी के विरोधियों द्वारा खूब इस्तेमाल किया गया और मोदी के आलोचकों ने इसे एक वैश्विक मीडिया पावरहाउस द्वारा उन्हें ‘विभाजनकारी’ के रूप में आरोपित करना करार दिया।

पत्रिका ने 20 मई 2019 के यूरोप, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका, एशिया और दक्षिण प्रशांत के अपने अंतरराष्ट्रीय संस्करण के कवर पर मोदी की तस्वीर के साथ शीर्षक दिया था ‘‘इंडियाज डिवाइडर इन चीफ’’। इस लेख को आतिश तासीर ने लिखा था जो भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह और दिवंगत पाकिस्तानी नेता एवं कारोबारी सलमान तासीर के बेटे हैं।

(टाइम के 20 मई के अंक का कवर पेज)

तवलीन सिंह और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दिवंगत गवर्नर सलमान तासीर के ब्रिटेन में जन्मे बेटे तासीर ने कवर स्टोरी में लिखा था, “मोदी का आर्थिक करिश्मा ही साकार होने में असफल नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारत में जहरीले धार्मिक राष्ट्रवाद का माहौल बनाने में भी मदद की है।”

हालांकि, नवीनतम लेख में लाडवा लिखते हैं, “सामाजिक रूप से विकासशील नीतियों के जरिए, उन्होंने (मोदी) कई भारतीयों – हिंदू और धार्मिक अल्पसंख्यक दोनों – को किसी भी पिछली पीढ़ी की तुलना में गरीबी से तेज रफ्तार से बाहर निकाला है।” लाडवा इंडिया ग्लोबल बिजनेस प्रकाशित करने वाली ब्रिटेन की मीडिया कंपनी इंडिया इंक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। (इनपुट- आईएएनएस के साथ)

Previous articleट्रोलर ने श्रीदेवी-बोनी कपूर से की अर्जुन और मलाइका अरोड़ा के रिश्ते की तुलना, भड़के अभिनेता ने दिया ऐसा जवाब दिया कि यूजर को मांगनी पड़ी माफी
Next articleAmidst rumours on health, Arun Jaitley opts out of new cabinet