#MeToo: अब अभिनेता रजत कपूर पर लगा महिला पत्रकार से ‘यौन दुर्व्यवहार’ का आरोप, ट्विटर पर मांगी माफी

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हॉलीवुड के फिल्मकार हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ यौन शोषण का मामला अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित होने के बाद से विश्व भर की महिलाएं खामोशी तोड़ते हुए ‘मी टू’ अभियान के जरिए अपनी-अपनी बाते खुलकर रख रही हैं। इस अभियान के जरिए कई बॉलीवुड अभिनेत्रियां भी खुलकर सामने आई हैं। विशेषकर तनुश्री दत्ता के विवाद के बाद से ‘मी टू’ अभियान काफी तेजी के फैल रहा है।

Photo: YashNews.com

इस बीच अभिनेता नाना पाटेकर, निर्देशक विकास बहल और लेखक चेतन भगत के बाद अब बॉलीवुड के बड़े अभिनेता रजत कपूर पर भी महिला से गलत व्यवहार के आरोप लगे हैं। एक महिला पत्रकार संध्या मेनन ने आरोप लगाया है कि एक इंटरव्यू के दौरान रजत कपूर ने उनसे उनका बॉडी का मेजरमेंट पूछा था। हालांकि खुद पर लगे इस आरोपों पर रजत ने ट्विटर के जरिए सफाई देते हुए महिला पत्रकार से माफी मांगी है।

कपूर ने लिखा, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी कोशिश की कि मैं एक सभ्य पुरुष बना रहूं और वही करूं जो सही है। हालांकि, यदि मेरे किसी एक्शन या शब्दों से किसी को भी तकलीफ हुई है तो मैं इसके लिए माफी मांगना चाहता हूं। मैं तहे दिल से इसके लिए माफी मांगता हूं। मैं दुखी हूं कि मेरी वजह से किसी को तकलीफ हुई। मेरे लिए मेरे काम से भी ज्यादा जरूरी अगर कुछ है तो वह एक अच्छा इंसान बनना है। मैं इसके लिए और अधिक कोशिश करूंगा।”

खुलकर आ रही हैं महिलाएं

आपको बता दें कि तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर पर आरोप लगाने और यौन उत्पीड़न पर खुलकर बोलने के बाद, महिलाओं की ऐसी कई और आवाजें सोशल मीडिया पर बुलंद होने लगी हैं। अब महिला पत्रकार भी उन औरतों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर अपने यौन उत्पीड़न के अनुभव लिखने शुरू कर दिए हैं। यौन उत्पीड़न, यानी किसी के मना करने के बावजूद उसे छूना, छूने की कोशिश करना, यौन संबंध बनाने की मांग करना, सेक्सुअल भाषा वाली टिप्पणी करना, पोर्नोग्राफी दिखाना या कहे-अनकहे तरीके से बिना सहमति का सेक्सुअल बर्ताव करना होता है।

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इन दिनों फिल्म, मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी हस्तियों पर लगे यौन प्रताड़ना के आरोप से सोशल मीडिया पर चर्चा गर्म है। #MeToo और #TimesUp अभियान के तहत भारतीय महिलाएं आपबीती बता रही हैं। इसमें अपने साथ हुए दुर्व्यवहारों और प्रताड़ना को सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं। सोशल मीडिया पर ये महिलाएं कुछ सबूत भी पेश कर रही हैं। इन आरोपों के बाद यह बहस तेज हो गई है कि कैसे किसी ऑर्गेनाइजेशन या दफ्तर के भीतर ही सारी चीजें घटित हो रही हैं और किसी को भनक तक नहीं लग रही। यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े कई संस्थानों ने अब कार्रवाई की बात कही है।

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