मध्यप्रदेश में 6 किसानों की मौत तो महाराष्ट्र में कर्ज से परेशान 4 किसानों ने की खुदकुशी

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किसानों के मुद्दे पर मध्यप्रदेश सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार भी बुरी तरह से मुश्किल में घिरती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश में गोलीबारी से 6 किसानों की मौत के बाद ख़बर है कि महाराष्ट्र में बढ़ते कर्ज से परेशान 4 किसानों ने आत्महत्या कर ली है। जिनमें दो नासिक के हैं तो एक-एक बीड और अकोला से हैं, बीजेपी शासित दोनों राज्यों में किसानों की हड़ताल से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर- news18 hindi

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से एक किसान ने तो पुलिस स्टेशन में फांसी लगाकर जान दे दी। गौरतलब है कि, एक जून से महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा भी कर दी है। फड़णवीस ने कहा कि सरकार ऋण की घोषणा माफी 31 अक्तूबर से पहले करेगी। उन्होंने कहा कि ऋण माफी के तौर तरीके को तैयार किया जा रहा है। लेकिन उसके बाद भी किसान खुश नहीं है।

बता दें कि, देश में सबसे ज्यादा किसानों की आत्महत्या की खबरें महाराष्ट्र से ही आती हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश में जितने भी किसानों ने आत्महत्याएं की हैं उनमें से 45 फीसदी किसान महाराष्ट्र से हैं। पिछले दो दशक में सबसे ज्यादा 64 हजार किसानों ने महाराष्ट्र में ही आत्महत्या की है। गौरतलब है कि, आंदोलन कर रहे किसानों ने अहमदनगर जिले में बड़ी मात्रा में दूध हाईवे पर बहा दिया।

वहीं किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन जारी रखेंगे। 1 जून से कर्ज माफी मांगों को लेकर सडक़ों पर उतरे किसानों के आंदोलन का आज सातवां दिन है। महारष्ट्र में किसानों की हड़ताल से सब्जियों की सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं जबकि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। किसान हड़ताल से राज्य में कृषि उपज मंडियों में होने वाला करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। किसानों की हड़ताल में अब राजनीतिक पार्टियों ने भी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है।

हिन्दुस्तान पोर्टल न्यूज़ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में 2014 में 4,004 और वर्ष 2015 में 4,291 किसानों ने आत्महत्या की इनमें से 1293 मामले तो ऋणग्रस्तता के हैं। किसी भी अन्य राज्य की तुलना में महाराष्ट्र में किसानों ने सबसे ज्यादा आत्महत्या की है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 94.1 फीसदी आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए।

महाराष्ट्र के बाद तेलंगाना (1,358) दूसरे, कर्नाटक (1,197) तीसरे और छत्तीसगढ़ 854 मौतों के साथ चौथे पायदान पर है। ख़बर के मुताबिक, साल 1995 के बाद से 300,000 से अधिक भारतीय किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

 

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