देश में कड़े कानून बनने के बावजूद भी मासूम बच्चियों और महिलाएं से रेप व छेड़छाड़ के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, आए दिन कोई न कोई वारदात हमें शर्मसार कर देती है। ऐसा ही एक और मामला उत्तर प्रदेश से सामने आया है, जो मानवता को शर्मसार कर देने वाला है। महोबा जिले की शहर कोतवाली क्षेत्र में कथित नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता द्वारा गुरुवार को सरकारी अस्पताल में एक बच्चे को जन्म देने की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक (एसपी) मणिलाल पाटीदार ने शनिवार को बताया कि, “गुरुवार को पेट दर्द की शिकायत होने पर पर एक 17 साल की नाबालिग लड़की को उसके परिजन सरकारी अस्पताल लेकर आए, जहां उसने कुछ देर बाद ही एक बच्चे को जन्म दिया।”
पीड़िता के पिता द्वारा शुक्रवार शाम दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर एसपी ने आगे बताया, “करीब सात-आठ महीने पहले नाबालिग लड़की से उसी गांव के दो युवकों ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया था, लेकिन आरोपियों की धमकी से डरी लड़की ने घटना की जानकारी पुलिस या परिजनों को नहीं दी थी। अब प्रसव के बाद जयचंद्र और शिवानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। दोनों आरोपी गांव से फरार हैं, उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।”
वहीं पीड़िता के पिता कहना है, “दुष्कर्म की घटना के दूसरे दिन ही वह बेटी को लेकर शहर कोतवाली गए थे, लेकिन तब तत्कालीन कोतवाल साहब ने इज्जत की दुहाई देकर मुकदमा नहीं दर्ज कराने को कहा और वापस भेज दिया था।”