हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में चार मंजिला इमारत गिरने से सेना के छह जवानों सहित सात लोगों की मौत हो। पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह इमारत नाहन-कुमारहट्टी सड़क पर स्थित थी जो रविवार शाम की भारी बारिश के बाद गिर गई, इसमें एक रेस्त्रां भी था। इस घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जांच के आदेश दिए हैं।

सोलन के पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा ने बताया कि मलबे से अब तक सेना के छह जवानों और एक नागरिक का शव बरामद हुआ है। सोलन उपमंडल के मजिस्ट्रेट रोहित राठौर ने बताया कि कम से कम सात और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
वहीं सोलन के उपायुक्त के सी चमन ने कहा कि इमारत गिरने के बाद कम से कम 42 व्यक्ति मलबे के भीतर दब गए थे जिनमें से सेना के 17 जवानों सहित 11 नागरिक यानी 28 लोगों को बचाया गया है। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या का पता बचाव अभियान खत्म होने के बाद ही चलेगा। ऐसी उम्मीद है कि यह बचाव अभियान शाम तक समाप्त हो जाएगा।
Solan Dy Commissioner KC Chaman on building collapse in Solan: Around 17 Army personnel & 11 civilians rescued so far. 6 Army & 1 civilian casualties reported, 7 Army personnel are still feared trapped. Search&rescue operation to be completed by today afternoon. #HimachalPradesh pic.twitter.com/knjLdXAMEY
— ANI (@ANI) July 15, 2019
एक घायल सैनिक ने संवाददाताओं को बताया कि यह इमारत जब गिरी उस दौरान यहां सेना के 35 कर्मी मौजूद थे जिनमें से 30 जूनियर कमिशन्ड अधिकारी (जेसीओएस) और पांच सैनिक थे। उन्होंने बताया कि निकट के डगशाई छावनी के 4 असम रेजिमेंट के जवान ‘पार्टी करने के लिए एक रेस्त्रां में गए थे क्योंकि यह रविवार का दिन था लेकिन अचानक से इमारत हिली और तुरंत ही गिर गई।’’
वहीं एक अन्य घायल सैनिक राकेश कुमार ने बताया कि घटना के समय सेना के कई कर्मियों समेत रेस्त्रां के कर्मी और अन्य ग्राहकों समेत करीब 50 लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमने सोचा कि भूकंप आया है और हमें नहीं याद कि यह इमारत कैसे गिर गई और हम मलबे के अंदर दब गए। मैं करीब 10-15 मिनट तक फंसा रहा जिसके बाद कुछ लोगों ने मुझे बचाया।’’
आपदा प्रबंधन के निदेशक सह विशेष राजस्व सचिव डी सी राणा ने बताया कि शुरुआत में भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान की शुरुआत की। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की दो टीम रविवार रात में घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान में जुट गई।
ये दो टीमें हरियाणा के पंचकूला और शिमला के सुन्नी से थीं। वहीं तीसरी टीम भी पंचकूला से पहुंची और सोमवार सुबह बचाव अभियान शुरू किया। ये सैन्य कर्मी निकट के डगशाई छावनी के थे और कथित तौर पर खाना खाने रेस्त्रां गए थे।
वहीं एक वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और वह आज घटनास्थल पर भी जाएंगे। मुख्यमंत्री आज सुबह बचाव कार्य का जायजा लेने घटनास्थल पर भी पहुंचे। घटना पर CM जयराम ठाकुर ने कहा, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। बिल्डिंग के गिरने के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, इमारत की संरचना स्पेसिफिकेशंस के अनुसार नहीं थी।’ (इंपुट: भाषा के साथ)
सोलन के समीप कुमारहट्टी में हुई दुर्घटना स्थल पर बचाव कार्य जारी है।
प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।@dprhp @CMOFFICEHP pic.twitter.com/eRP0lsMjNk— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) July 14, 2019