बिहार में भाजपा और लोजपा के साथ सत्ता में शामिल जदयू से आठ मंत्रियों को रविवार को नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। पटना स्थित राजभवन में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल लालजी टंडन ने जदयू नेता अशोक चौधरी, नरेंद्र नारायण यादव, बीमा भारती, संजय झा, नीरज कुमार, रामसेवक सिंह, श्याम रजक और लक्ष्मेश्वर राय को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई अन्य मंत्री उपस्थित थे।

केंद्र सरकार में एक कैबिनेट मंत्री का प्रस्ताव ठुकराने के बाद नीतीश सरकार का यह कैबिनेट विस्तार महत्वपूर्ण है। क्योंकि रविवार को शपथ लेने वाले सभी आठों मंत्री जेडीयू से ही हैं, जिसके बाद मीडिया में खबरें प्रसारित हो रही हैं कि नीतीश कुमार ने ऐसा करके मोदी सरकार को जवाब दिया है। इस बीच बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जदयू के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने ऐसा बयान दिया है जिससे पता चलता है कि पीएम मोदी के कैबिनेट की शपथ के बाद जदयू और भाजपा में सब कुछ सही चलता हुआ नहीं दिख रहा है।
केसी त्यागी ने रविवार को साफ कहा कि हमने फैसला किया है कि अब आगे भविष्य में कभी भी राजग के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई ने त्यागी के हवाले से लिखा है, ‘जो प्रस्ताव दिया गया था, वह जदयू को अस्वीकार्य था। इसलिए हमने तय किया है कि भविष्य में भी जदयू कभी भी राजग के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होगी। यह हमारा फाइनल फैसला है।’
KC Tyagi,JDU: The proposal that was given was unacceptable to the JDU therefore we have decided that in future also JDU will never be a part of the NDA led Union Cabinet, this is our final decision pic.twitter.com/Nag1j19D8E
— ANI (@ANI) June 2, 2019
बता दें कि यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब जदयू ने यह कहते हुए स्पष्ट कर दिया था कि वह मोदी सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी, क्योंकि भाजपा ने उसे एक मंत्री पद का प्रस्ताव दिया था, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकती। भले ही जदयू और भाजपा राजग में सब कुछ सही बता रहे हैं, लेकिन केंद्र में नीतीश की पार्टी के भागीदारी से इनकार के बाद कयासों का दौर जारी है। बता दें कि भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल हुई है। जदयू को मोदी मंत्रिपरिषद में एक स्थान मिल रहा था जो संभवत: राजग की सहयोगी पार्टी को मंजूर नहीं था।
नीतीश बोले- ‘सब ठीक है’
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जदयू को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने की वजह से रविवार को बिहार मंत्रिमंडल के विस्तार में भाजपा को स्थान नहीं दिए जाने की चर्चा के बीच शपथग्रहण समारोह के बाद नीतीश ने स्पष्ट किया ‘जदयू की रिक्तियां थीं इसलिए (मंत्रिमंडल का विस्तार) हुआ है और कोई भी रिक्ति रहेगी तो कभी भी हो सकता है। अभी सिर्फ जदयू का ही था और जिनकी इक्का दुक्का रिक्तियां हैं वह कभी भी हो सकता है।’’
Bihar CM Nitish Kumar on cabinet expansion: Vacancies from JDU quota in the cabinet were empty so JDU leaders were inducted, there is no issue with BJP, everything is fine pic.twitter.com/376FlJVdFF
— ANI (@ANI) June 2, 2019
नीतीश ने सब कुछ ठीक होने और इसको लेकर कोई गलतफहमी मन में नहीं रखने (जदयू और भाजपा के बीच) की बात करते हुए संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल में जदयू के कोटे से मंत्रियों की संख्या पहले से पांच कम थी और लोकसभा चुनाव में तीन मंत्रियों के सांसद चुने जाने के बाद अब यह संख्या बढ़ कर आठ हो गई थी। उन्होंने कहा कि विभागों की संख्या अधिक और मंत्रियों की संख्या कम रहने तथा आसन्न बिहार विधानमंडल के सत्र को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है।