मोदी सरकार में नहीं बने हिस्सेदार, अब बिना BJP नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार, अशोक चौधरी और नीरज कुमार सहित JDU कोटे से 8 नए मंत्री शामिल

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बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के कई विधायकों के सांसद बन जाने के बाद खाली हुए मंत्री पद भरने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार (2 जून) को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। राज्यपाल लालजी टंडन ने आठ नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। पूर्व मंत्री अशोक चौधरी और जद (यू) के नीरज कुमार को भी नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

Photo: PTI

नीतीश कुमार ने लंबे समय बाद अपने कैबिनेट का विस्तार किया है। रविवार को इस दौरान 8 नए मंत्री शामिल हुए। कांग्रेस से जेडीयू में आए पार्टी विधायक अशोक चौधरी को मंत्री बनाया गया है। जिन 8 नेताओं ने रविवार को मंत्री पद की शपथ ली है, उनमें अशोक चौधरी, श्याम रजक, एल प्रसाद, बीमा भारती, रामसेवक सिंह, संजय झा, नीरज कुमार और नरेंद्र नारायण यादव शामिल हैं।

कैबिनेट विस्तार को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि लंबे दिनों से जद (यू) मंत्रियों का विस्तार नहीं हुआ था। इसे पूरा किया गया है और यह रूटीन काम है। कैबिनेट विस्तार के बाद पत्रकारों से बातचीत में CM नीतीश कुमार ने कहा, ‘कैबिनेट में जद (यू) कोटे से पद खाली थे, इसलिए जद (यू) नेताओं को शामिल किया गया, भाजपा से कोई समस्या नहीं है, सब कुछ ठीक है।’

वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार ने खाली पड़े मंत्री पदों को भरने के लिए भाजपा को प्रस्ताव दिया है। इन पदों को भरने को लेकर भाजपा भविष्य में फैसला करेगी।”

केंद्र सरकार में एक कैबिनेट मंत्री का प्रस्ताव ठुकराने के बाद नीतीश सरकार का यह कैबिनेट विस्तार महत्वपूर्ण है। भले ही जदयू और भाजपा राजग में सब कुछ सही बता रहे हैं, लेकिन केंद्र में नीतीश की पार्टी के भागीदारी से इनकार के बाद कयासों का दौर जारी है। बता दें कि भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल हुई है। जदयू को मोदी मंत्रिपरिषद में एक स्थान मिल रहा था जो संभवत: राजग की सहयोगी पार्टी को मंजूर नहीं था।

मंत्रियों की शपथ के ठीक बाद जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट में शामिल न होने का पार्टी का फैसला आखिरी है। हम भविष्य में भी केंद्र की एनडीए सरकार में शामिल नहीं होंगे। गौरतलब है कि बिहार में जदयू भाजपा की मुख्य सहयोगी पार्टी रही है। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 17 सीट और जदयू ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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