सोशल मीडिया पर शर्मिंदगी का सामना करने के बाद बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की नेता राबड़ी देवी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए अपमानजनक ट्वीट करने वाले आजतक के एंकर निशांत चतुर्वेदी ने आखिरकार माफी मांग ली है। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने निशांत के ट्वीट पर पलटवार करते हुए निशाना साधा था। वहीं, सोशल मीडिया पर तमाम वरिष्ठ पत्रकारों ने एंकर द्वारा राबड़ी देवी पर किए गए ट्वीट को ‘शर्मनाक’ करार दिया था।
तेजस्वी यादव ने इंडिया टुडे के ग्रुप चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी को टैग करते हुए ट्वीट कर पूछा था कि क्या आप वास्तव में अपने संपादक द्वारा नस्लवादी और जातिवादी टिप्पणी का समर्थन करते हैं? क्या आपको नहीं लगता कि उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए? वहीं, आरजेडी नेता ने इंडिया टुडे ग्रुप के न्यूज डायरेक्टर सुप्रिया प्रसाद से भी पूछा था कि क्या आपके संगठन में काम करने वाले लोगों को वास्तव में ऐसे अनुचित पूर्वाग्रह हैं?
Dear @aroonpurie ji, Do you really endorse the classist, racist, xenophobe and casteist remark by your editor? Don’t you think he must apologise for it?@supriyapd Do you really have such unfairly prejudiced people working in your organisation @aajtak ? https://t.co/cvpG0Ph6Bg
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 2, 2019
इस पर निशांत चतुर्वेदी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए लिखा है कि प्रिय तेजस्वी यादव जी, मेरी आपकी या किसी की भी मां का अनादर करने का कोई इरादा नहीं था। एंकर ने सोशल मीडिया यूजर्स पर उनके ट्वीट का गलत मतलब निकालने का आरोप लगाते हुए कहा कि मैं आश्चर्यचकित हूं कि एक मां, महिला या यहां तक कि इसमें एक जाति का कोण भी निकाल दिया गया। ईमानदारी से मैं माफी मागता हूं, लेकिन कृपया इसका गलत अर्थ न निकालें।
Dear @yadavtejashwi ji,i had no intent to disrespect your or anyones mother,I m rather surprised that people r spending so much time on misinterpreting a tweet to the disrespect of a mother,lady or even finding a caste angle in it.Sincere apologize but please do not misinterpret
— Nishant Chaturvedi (@nishantchat) May 3, 2019
दरअसल, राबड़ी देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए एक ट्वीट कर लिखा था, “मोदी कल लीची के शहर मुज़फ़्फ़रपुर आए थे लोगों ने उनके आम खाने के तरीक़े के बाद पूछा कि लीची कैसे खाते है? काटकर, चूसकर या वाश-बेसिन पर खड़ा होकर? पीएम ने जवाब ही नहीं दिया क्योंकि पूछने वाला कोई हीरो-हिरोइन नहीं था? जवाब नहीं सूझा क्योंकि सवाल पूर्व निर्धारित और नियोजित नहीं था।”
मोदी कल लीची के शहर मुज़फ़्फ़रपुर आए थे लोगों ने उनके आम खाने के तरीक़े के बाद पूछा कि लीची कैसे खाते है?
काटकर, चूसकर या वाश-बेसिन पर खड़ा होकर? पीएम ने जवाब ही नहीं दिया क्योंकि पूछने वाला कोई हीरो-हिरोइन नहीं था? जवाब नहीं सूझा क्योंकि सवाल पूर्व निर्धारित और नियोजित नहीं था।
— Rabri Devi (@RabriDeviRJD) May 1, 2019
इस ट्वीट पर आजतक के एंकर निशांत चतुर्वेदी ने पूर्व सीएम की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए लिखा, “अच्छा जी राबड़ी देवी जी भी ट्वीट करती है ?कोई इनसे बोले कि ये बस तीन बार ट्विटर बोलकर बता दें ?”
अच्छा जी राबड़ी देवी जी भी ट्वीट करती है ?
कोई इनसे बोले कि ये बस तीन बार ट्विटर बोलकर बता दें ?#LoksabhaElections2019 #Bihar #lalu https://t.co/jQs0VwQptr
— Nishant Chaturvedi (@nishantchat) May 2, 2019
निशांत के इस अपमानजनक ट्वीट पर पलटवार करते हुए राबड़ी देवी ने लिखा, “बेटा तेरे जैसे पतलकारों को बहुत पसीना पोंछवाया है। वोट की ताक़त से लोकतांत्रिक तरीक़े से 8 साल देश के दूसरे सबसे बड़े सूबे (बिहार-झारखंड) की मुख्यमंत्री रही हूँ। मोदी से सवाल पूछा तो तोहार पेट में मरोड़े क्यों छूटे? तबियत ठीक बा नू..”
बेटा तेरे जैसे पतलकारों को बहुत पसीना पोंछवाया है। वोट की ताक़त से लोकतांत्रिक तरीक़े से 8 साल देश के दूसरे सबसे बड़े सूबे (बिहार-झारखंड) की मुख्यमंत्री रही हूँ।
मोदी से सवाल पूछा तो तोहार पेट में मरोड़े क्यों छूटे? तबियत ठीक बा नू.. https://t.co/vCdoArA4IC
— Rabri Devi (@RabriDeviRJD) May 2, 2019
वहीं, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने लिखा, “कोई नहीं निशान्त जी,आपकी माता जी यानि हमारी भी आदरणीय एवं सम्माननीय माता श्री तीन बार नहीं एक बार भी ट्विटर बोलती होंगी या नहीं बोलती होंगी लेकिन फिर भी हमारे लिए उतनी ही सम्माननीय रहेंगी। थोड़ा ऊँचा सोचिए ताकि @aroonpurie जी Funny Videos दिखाने की बजाय आपको कुछ डिबेट शो दे सके।”
कोई नहीं निशान्त जी,आपकी माता जी यानि हमारी भी आदरणीय एवं सम्माननीय माता श्री तीन बार नहीं एक बार भी ट्विटर बोलती होंगी या नहीं बोलती होंगी लेकिन फिर भी हमारे लिए उतनी ही सम्माननीय रहेंगी। थोड़ा ऊँचा सोचिए ताकि @aroonpurie जी Funny Videos दिखाने की बजाय आपको कुछ डिबेट शो दे सके । https://t.co/cvpG0Ph6Bg
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 2, 2019
सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए निशांत
सोशल मीडिया पर निशांत चतुर्वेदी जमकर ट्रोल हो रहे हैं। तमाम वरिष्ठ पत्रकारों ने एंकर के इस ट्वीट को शर्मनाक करार देते हुए निशाना साधा है। पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा है, ” वैसे मोदी जी का पर्सनल और PMO अकाउंट हीरेन जोशी चलाते हैं पर न्यूज़ ऐंकर्ज़ कभी उस पर टिप्पणी नहीं करते।अनिल बलूनि का फ़ोन जो आ जाएगा। अपनी पत्रकारिता सिर्फ़ विपक्ष की ग्रामीण महिला पर personal comments करके जताते हैं। कोई इनसे बोले सिर्फ़ एक बार हीरेन जोशी पर report करके दिखाएँ”
वहीं, एक पत्रकार अनुराग ने लिखा, “चलिए आपको जो नेता सबसे अच्छा लगता हो उससे ‘प्रकृति’ बुलवा दीजिए? और उसके बाद पूछिएगा अपने ट्वीट खुद करते हैं? जवाब मिलेगा…. नहीं| किसी तथ्य पर कमेंट समझ आता है लेकिन सिर्फ किसी को अपमानित करने के लिए कमेंट? ?” रिपोर्टर उमाशंकर ने लिखा, “ऐसे ‘पत्रकार’ बेशर्म होकर ही ‘बड़े’ बनते हैं।” जबकि जैनेंद्र कुमार ने लिखा, “शर्मनाक @nishantchat.. तुम्हें टैग करते हुए भी घिन आ रही है.. शर्मनाक.. पत्रकारिता तुम जैसों से शर्मिंदा है।”
कई राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी निशांत के ट्वीट पर नाराजगी व्यक्त किया है। मैनपुरी से समाजवादी पार्टी के सांसद तेज प्रताप सिंह यादव ने लिखा है, “पंडित जी ज़रा मनुवादी सोच से बाहर निकलो..ज़माना बदल चुका है और आप अब भी पिछड़ों और महिलाओं के पीछे पड़े हो।जिनके ऊपर आपने व्यंग्य किया है वो कई साल बिहार की मुख्यमंत्री भी रही हैं….अगर आपको ज़्यादा tweet का शौक़ है तो एक ट्वीट स्मृति जी की शैक्षिक योग्यता पर भी कर दीजिये….”
देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:
ऐसे ‘पत्रकार’ बेशर्म होकर ही ‘बड़े’ बनते हैं।
— व्यंग्यकार Umashankar Singh (@umashankarsingh) May 2, 2019
बिहार की CM रही सीनियर नेता @RabriDeviRJD को शर्मिंदा करने की @AshwiniKChoubey और पत्रकार @nishantchat की कोशिशें तो यही साबित करते हैं कि वे लोकतंत्र और राजनीति को भी वर्ण व्यवस्था समझ बैठे हैं, जहां 'उनके' वर्ण के मर्दों के सिवा सबकी एंट्री बंद हो! वो दुनिया अब नहीं रहा जी! https://t.co/6WmCsIWIZR
— Kavita Krishnan (@kavita_krishnan) May 3, 2019
निशांत मेरे जूनियर रहे हैं. जी न्यूज में स्क्रीन के नीचे चलने वाला टिकर चलाया करते थे. मुझे नहीं पता था कि वे इस कदर महिला विरोधी और पिछड़ा विरोधी हैं. ग्रामीण महिलाओं के प्रति उनके मन में इतना बुरा भाव क्यों पल रहा है, इस पर उन्हें विचार करना चाहिए. उनमें अज्ञान का अहंकार है. https://t.co/eNb4IgmkIS
— Dilip Mandal (@dilipmandal) May 2, 2019
Disgusting ! Downright classist and Casteist comment.
Our Savarna media’s contempt for leaders of the subaltern is nauseating. https://t.co/P8sQ0SDKIk— Arfa Khanum Sherwani (@khanumarfa) May 2, 2019
वैसे मोदी जी का पर्सनल और PMO अकाउंट हीरेन जोशी चलाते हैं पर न्यूज़ ऐंकर्ज़ कभी उस पर टिप्पणी नहीं करते।अनिल बलूनि का फ़ोन जो आ जाएगा। अपनी पत्रकारिता सिर्फ़ विपक्ष की ग्रामीण महिला पर personal comments करके जताते हैं। कोई इनसे बोले सिर्फ़ एक बार हीरेन जोशी पर report करके दिखाएँ https://t.co/4CIoCNIueE
— Rohini Singh (@rohini_sgh) May 2, 2019
ठीके कहनी रउआ।
लेकिन एकरा इहो न बुझाई। https://t.co/PdC1G3E98V— Kadambini Sharma (@SharmaKadambini) May 2, 2019
Brahmanwad jaata nahi https://t.co/txDfzWD6hN
— Shivam Vij (@DilliDurAst) May 2, 2019
The thing with arrogance is .. it makes you fall soon .. so casteist .. sexist ..
— pallavi ghosh (@_pallavighosh) May 3, 2019
जानना चाहते हैं कि एलिटिस्ट माइंड सेट क्या होता है और सामाजिक न्याय वाली बात क्यों बड़े तबके को कनेक्ट करती है,उसका जवाब इस एक ट्वीट में दिखेगा। "बेड टी" देर से मिलने या 8 बजे के बाद जनता से डिसकनेक्ट करने वाली नेता पर नहीं, तंज सिर्फ राबड़ी देवी को क्योंकि वह "क्लास" नहीं है https://t.co/WPkP5qMgYL
— Narendra nath mishra (@iamnarendranath) May 2, 2019
पंडित जी ज़रा मनुवादी सोच से बाहर निकलो..ज़माना बदल चुका है और आप अब भी पिछड़ों और महिलाओं के पीछे पड़े हो।जिनके ऊपर आपने व्यंग्य किया है वो कई साल बिहार की मुख्यमंत्री भी रही हैं….अगर आपको ज़्यादा tweet का शौक़ है तो एक ट्वीट स्मृति जी की शैक्षिक योग्यता पर भी कर दीजिये…. https://t.co/gXOujP7EBW
— Tej Pratap Singh Yadav (@yadavteju) May 2, 2019
चलिए आपको जो नेता सबसे अच्छा लगता हो उससे 'प्रकृति' बुलवा दीजिए? और उसके बाद पूछिएगा अपने ट्वीट खुद करते हैं? जवाब मिलेगा…. नहीं| किसी तथ्य पर कमेंट समझ आता है लेकिन सिर्फ किसी को अपमानित करने के लिए कमेंट? ? https://t.co/T27q11zo4R
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) May 2, 2019
How right is it for journalists to make personal and distasteful comments on a politician? Well, to be fair @yadavtejashwi response has been graceful and mature. https://t.co/kNy55wsWnD
— Marya Shakil (@maryashakil) May 2, 2019
आप तो निहायत बदतमीज निकले @nishantchat
Not only are you disrespectful but extremely patronizing & condescending.
Do you go around asking elders in your household to pronounce words to see if their opinions matter or make sense? https://t.co/PRY02WBHkP— Zainab Sikander (@zainabsikander) May 2, 2019
Just came across this one! Our job as journalists is to report, debate, analyse and not make personal attacks, jibes on someone who has been in public life for long! This one just forgot to switch his accounts while tweeting this it seems! A matured Response by @yadavtejashwi! ? https://t.co/06QTDwxwwm
— Prashant Kumar (@scribe_prashant) May 2, 2019