सोशल मीडिया पर फजीहत होने के बाद राबड़ी देवी पर अपमानजनक ट्वीट करने वाले आजतक के एंकर ने मांगी माफी

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सोशल मीडिया पर शर्मिंदगी का सामना करने के बाद बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की नेता राबड़ी देवी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए अपमानजनक ट्वीट करने वाले आजतक के एंकर निशांत चतुर्वेदी ने आखिरकार माफी मांग ली है। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने निशांत के ट्वीट पर पलटवार करते हुए निशाना साधा था। वहीं, सोशल मीडिया पर तमाम वरिष्ठ पत्रकारों ने एंकर द्वारा राबड़ी देवी पर किए गए ट्वीट को ‘शर्मनाक’ करार दिया था।

तेजस्वी यादव ने इंडिया टुडे के ग्रुप चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी को टैग करते हुए ट्वीट कर पूछा था कि क्या आप वास्तव में अपने संपादक द्वारा नस्लवादी और जातिवादी टिप्पणी का समर्थन करते हैं? क्या आपको नहीं लगता कि उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए? वहीं, आरजेडी नेता ने इंडिया टुडे ग्रुप के न्यूज डायरेक्टर सुप्रिया प्रसाद से भी पूछा था कि क्या आपके संगठन में काम करने वाले लोगों को वास्तव में ऐसे अनुचित पूर्वाग्रह हैं?

इस पर निशांत चतुर्वेदी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए लिखा है कि प्रिय तेजस्वी यादव जी, मेरी आपकी या किसी की भी मां का अनादर करने का कोई इरादा नहीं था। एंकर ने सोशल मीडिया यूजर्स पर उनके ट्वीट का गलत मतलब निकालने का आरोप लगाते हुए कहा कि मैं आश्चर्यचकित हूं कि एक मां, महिला या यहां तक कि इसमें एक जाति का कोण भी निकाल दिया गया। ईमानदारी से मैं माफी मागता हूं, लेकिन कृपया इसका गलत अर्थ न निकालें।

दरअसल, राबड़ी देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए एक ट्वीट कर लिखा था, “मोदी कल लीची के शहर मुज़फ़्फ़रपुर आए थे लोगों ने उनके आम खाने के तरीक़े के बाद पूछा कि लीची कैसे खाते है? काटकर, चूसकर या वाश-बेसिन पर खड़ा होकर? पीएम ने जवाब ही नहीं दिया क्योंकि पूछने वाला कोई हीरो-हिरोइन नहीं था? जवाब नहीं सूझा क्योंकि सवाल पूर्व निर्धारित और नियोजित नहीं था।”

इस ट्वीट पर आजतक के एंकर निशांत चतुर्वेदी ने पूर्व सीएम की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए लिखा, “अच्छा जी राबड़ी देवी जी भी ट्वीट करती है ?कोई इनसे बोले कि ये बस तीन बार ट्विटर बोलकर बता दें ?”

निशांत के इस अपमानजनक ट्वीट पर पलटवार करते हुए राबड़ी देवी ने लिखा, “बेटा तेरे जैसे पतलकारों को बहुत पसीना पोंछवाया है। वोट की ताक़त से लोकतांत्रिक तरीक़े से 8 साल देश के दूसरे सबसे बड़े सूबे (बिहार-झारखंड) की मुख्यमंत्री रही हूँ। मोदी से सवाल पूछा तो तोहार पेट में मरोड़े क्यों छूटे? तबियत ठीक बा नू..”

वहीं, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने लिखा, “कोई नहीं निशान्त जी,आपकी माता जी यानि हमारी भी आदरणीय एवं सम्माननीय माता श्री तीन बार नहीं एक बार भी ट्विटर बोलती होंगी या नहीं बोलती होंगी लेकिन फिर भी हमारे लिए उतनी ही सम्माननीय रहेंगी। थोड़ा ऊँचा सोचिए ताकि @aroonpurie जी Funny Videos दिखाने की बजाय आपको कुछ डिबेट शो दे सके।”

सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए निशांत

सोशल मीडिया पर निशांत चतुर्वेदी जमकर ट्रोल हो रहे हैं। तमाम वरिष्ठ पत्रकारों ने एंकर के इस ट्वीट को शर्मनाक करार देते हुए निशाना साधा है। पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा है, ” वैसे मोदी जी का पर्सनल और PMO अकाउंट हीरेन जोशी चलाते हैं पर न्यूज़ ऐंकर्ज़ कभी उस पर टिप्पणी नहीं करते।अनिल बलूनि का फ़ोन जो आ जाएगा। अपनी पत्रकारिता सिर्फ़ विपक्ष की ग्रामीण महिला पर personal comments करके जताते हैं। कोई इनसे बोले सिर्फ़ एक बार हीरेन जोशी पर report करके दिखाएँ”

वहीं, एक पत्रकार अनुराग ने लिखा, “चलिए आपको जो नेता सबसे अच्छा लगता हो उससे ‘प्रकृति’ बुलवा दीजिए? और उसके बाद पूछिएगा अपने ट्वीट खुद करते हैं? जवाब मिलेगा…. नहीं| किसी तथ्य पर कमेंट समझ आता है लेकिन सिर्फ किसी को अपमानित करने के लिए कमेंट? ?” रिपोर्टर उमाशंकर ने लिखा, “ऐसे ‘पत्रकार’ बेशर्म होकर ही ‘बड़े’ बनते हैं।” जबकि जैनेंद्र कुमार ने लिखा, “शर्मनाक @nishantchat.. तुम्हें टैग करते हुए भी घिन आ रही है.. शर्मनाक.. पत्रकारिता तुम जैसों से शर्मिंदा है।”

कई राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी निशांत के ट्वीट पर नाराजगी व्यक्त किया है। मैनपुरी से समाजवादी पार्टी के सांसद तेज प्रताप सिंह यादव ने लिखा है, “पंडित जी ज़रा मनुवादी सोच से बाहर निकलो..ज़माना बदल चुका है और आप अब भी पिछड़ों और महिलाओं के पीछे पड़े हो।जिनके ऊपर आपने व्यंग्य किया है वो कई साल बिहार की मुख्यमंत्री भी रही हैं….अगर आपको ज़्यादा tweet का शौक़ है तो एक ट्वीट स्मृति जी की शैक्षिक योग्यता पर भी कर दीजिये….”

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