प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन: मॉरीशस के इस सांसद ने भोजपुरी गाना गाकर भारतीयों को बनाया दीवाना, आपने सुना क्या?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (9 जनवरी) को नई दिल्ली में प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रवासी सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी एशिया की है, हम इसे भारत की सदी बनाना चाहते हैं। पीएम मोदी मोदी ने दुनिया भर के प्रवासी भारतीय सांसदों से भारत की प्रगति में हिस्सेदार बनने और देश के आर्थिक विकास में उत्प्रेरक की भूमिका निभाने की अपील की।भारतीय मूल के लोगों को विश्व में भारत का स्थायी राजदूत करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत में महत्वपूर्ण बदलाव आया है, हमारे प्रति विश्व का नजरिया बदल रहा है तथा भारत के लोगों की आशाएं-आकांक्षाएं इस समय उच्चतम स्तर पर हैं।

इस कार्यक्रम में विश्व भर से अलग-अलग देशों के एनआरआई सांसद पहुंचे। इस दौरान विदेश में रह रहे भारतीय मूल के लोगों द्वारा अपने देश के लिए किए गए योगदान की चर्चा हुई। वहीं, कुछ एनआरआई सांसद इस कार्यक्रम में हल्के मूड में भी नजर आए। सबसे ज्यादा चर्चा इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने दिल्ली पहुंचे मॉरिशस के सांसद उरी गोकरन की हो रही है।

दरअसल, गोकरन ने कॉन्फ्रेंस के दौरान भोजपुरी गीत गाकर समा बांध दिया। उनके गाने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। गोकरन ने अपने भोजपुरी गीत से भारतीयों को दीवाना बना दिया है। बता दें कि मॉरीशस की आधी आबादी भोजपुरी भाषी है। यहां की सरकार भोजपुरी भाषा को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। गोकरन ने भारत को एक प्रगतिशील देश बताया है।

प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोग लंबे समय से अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति नजरिया बदल गया है। हमारे उपर ध्यान बढ़ रहा है, विश्व का हमारे प्रति नजरिया बदल रहा है, तो इसका मुख्य कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, इसमें बदलाव आ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि, “जैसा पहले था, वैसे ही चलता रहेगा, कुछ बदलेगा नहीं”, इस सोच से भारत अब बहुत आगे बढ़ चुका है। भारत के लोगों की आशाएं-आकांक्षाएं इस समय उच्चतम स्तर पर हैं। व्यवस्थाओं में हो रहे संपूर्ण परिवर्तन का, इसमें हो रहे अपरिवर्तनीय बदलाव का परिणाम आपको हर क्षेत्र में नजर आएगा।

उन्होंने कहा कि जब भी किसी देश की यात्रा करता हूं, तो मेरा प्रयास होता है कि वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से मिलूं। मेरे इस प्रयास का सबसे बड़ा कारण है कि मैं मानता हूं कि विश्व के साथ भारत के संबंधों के लिए यदि सही मायने में कोई स्थायी राजदूत है तो वे भारतीय मूल के लोग हैं।

मोदी ने कहा कि आपको यहां देखकर आपके पूर्वजों को कितनी प्रसन्नता हो रही होगी, इसका अंदाजा हम सभी लगा सकते हैं। वो जहां भी होंगे, आपको यहां देखकर बहुत खुश होंगे। सैकड़ों वर्षों के कालखंड में भारत से जो भी लोग बाहर गए, भारत उनके मन से कभी बाहर नहीं निकला।

न्यूज एजेंसी भाषा के प्रवासी भारतीय सांसदों का यह पहला सम्मेलन है। साल 2003 में प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार थी। तब यह माना गया था कि चूंकि महात्मा गांधी सबसे प्रमुख प्रवासी थे और वे 9 जनवरी को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे, ऐसे में 9 जनवरी को प्रवासी भारतीयों को समर्पित किया जाए।

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