माल्टा के शीर्ष पत्रकारों में से एक 53 वर्षीय डेफने कारुआना गैलिज़िया की एक कार बम हमले में मौत हो गई। गैलिज़िया ने पनामा पेपर लीक्स ने दुनियाभर के बड़े-बड़े नेताओं के बारे में बड़े खुलासे किए थे, जिसने दुनियाभर की राजनीतिक और उद्योग घरानों को हिलाकर रख दिया था।
गैलिज़िया द्वारा उजागर हुए लोगों में माल्टा के प्रधान मंत्री, जोसेफ मस्कट की पत्नी, उनके पूर्व ऊर्जा मंत्री कोनराद मिस्सी और उनके प्रमुख स्टाफ कीथ शेम्बरी शामिल थे।
माल्टा के प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट ने बताया कि 53 वर्षीय डेफ़ने कारूआना गालिजि़आ माल्टा के मुख्य द्वीप में स्थित बड़े शहर मोस्टा में अपने घर से निकली ही थीं कि बम विस्फोट हो गया जिससे उनकी कार के परखच्चे उड़ गए। हालांकि, गैलिज़िया पर हमले की अभी तक किसी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
माल्टा के प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, यह एक नागरिक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक दयनीय हमला है। जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक मैं आराम नहीं कर सकता हूं, देश न्याय का हकदार है। यह उनके टेलीविज़न बयान के बाद आया था जिसमें प्रेस की आजादी पर एक बर्बर हमले के रूप में उनकी हत्या की निंदा की थी।
This is a spiteful attack on a citizen and freedom of expression. I will not rest until justice is done. The country deserves justice -JM
— Joseph Muscat (@JosephMuscat_JM) October 16, 2017
बता दें कि, गैलिज़िया के ब्लॉग रनिंग कॉन्ट्रीरी माल्टा की सबसे पढ़े जाने वाली वेबसाइटों में से एक थी। उसकी हत्या के कुछ घंटों पहले कि, उसने कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर मुकदमा चलाने में प्रगति की कमी पर अपनी निराशा व्यक्त की थी।