जेटली बोले- पनामा पेपर्स मामले की जांच हो रही है, लेकिन पाकिस्तान की नीति पर नहीं चलेंगे

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राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार(10 अगस्त) को कहा कि पनाम पेपर्स लीक में भारतीयों के आए नामों की भारत सरकार जांच करा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही कानूनी एवं वैध प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। जेटली ने कहा कि देश में कानून का राज है और इसलिए पनामा पेपर्स लीक पर पाकिस्तान मानक नहीं है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पनामा पेपर्स मामले की सरकार जांच करा रही है, लेकिन पाकिस्तान की तरह बिना उचित जांच के किसी को सजा नहीं दी जाएगी। बता दें कि वहां प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पहले पद से हटाया गया और अब अदालत की निगरानी में मामले की जांच होगी।

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राज्यसभा में बैंककारी विनिमयन (संशोधन) विधेयक-2017 हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्तमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि यहां प्राप्त हुए विदेशी बैंक खातों के विवरणों पर जितनी इस सरकार ने कार्रवाई की है, उतनी किसी भी सरकार ने कभी नहीं की। पनामा पेपर्स लीक्स के तहत सामने आए प्रत्येक खाते की जांच की जा रही है।

जेटली ने कहा कि पनामा पेपर्स लीक्स मामले में सरकार संबंधित सभी देशों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि फाइलें आती जा रही हैं और उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके साथ ही वित्तमंत्री ने स्वीकार किया कि देश में गैरनिष्पादक आस्तियों (एनपीए) के आंकड़े बढ़ रहे हैं।

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हालांकि इनमें ज्यादातर कर्ज पुराने हैं और उनके ब्याज बढ़ने से एनपीए के आंकड़ों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने ऐसे बड़े 12 मामलों को लिया है, जिन्हें वे डूबता हुआ कर्ज मानते हैं। जेटली ने कहा, एनपीए के साथ जूझना राजनीतिक विषय नहीं है। स्वभाविक है कि ये 2014 से पहले के हैं। ये साल 2008-09 से 2012-13 तक बढ़े जा रहे थे।

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उन्होंने कहा कि हम चूककर्ता पर पूरी पकड़ बनाना चाहते हैं। इसलिए मौजूदा कानून में संसोधन किए गए हैं। इसके साथ ही राज्यसभा ने ध्वनिमत से बैंककारी विनिमयन (संशोधन) विधेयक-2017 को पारित कर दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है।

जेटली ने कहा, ‘हम पहले अपनी जांच कर रहे हैं, चाहे वह HSBC मामला हो या कोई और। हर मामले में जहां खाते हैं, हम संबंधित देश के अधिकारियों के संपर्क में है।’ उन्होंने कहा, ‘जिस भी मामले में हमें कागजात मिल रहे हैं उनमें अभियोग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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