उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने जब से मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली है तभी से योगी अपने कामों को लेकर सुर्खियों में बने हुए है, लेकिन इन दिनों वह शैम्पू, साबुन को लेकर सुर्खियों में आ गए है। हाल ही में कुशीनगर जिले की मुसहर बस्ती का दौरा किया था यहां जिला प्रशासन ने सीएम के दौर से पहले मुसहर समुदायों के लोगों को साबुन-शैम्पू और डियो बांटे थे कि वह नहा करके आए, जिससे उनके शरीर से बदबू न आए। वहीं इसी बात का विरोध करने के लिए अब दलित समुदाय ने योगी आदित्य नाथ को साबुन भेंट करने का फैसला लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात के एक दलित संगठन डॉ. अंबेडकर वचन प्रतिबद्धता समिति ने बीते गुरुवार (1 जून) को यह घोषणा की थी। वहीं संगठन का दावा है कि यह कोई छोटा सा साबुन नहीं होगा बल्कि यह 16 फीट लंबा साबुन होगा। सीएम आदित्य नाथ को देने के लिए खास तौर पर यह 16 फीट का साबुन बनवाया जाएगा। वहीं उन्हेंने दावा किया है कि, साबुन को दलित समाज की वाल्मीकि की एक महिला तैयार करेंगी।
इस समिति के सदस्य अहमदाबाद स्थित एनजीओ नवसर्जन से जुड़े हैं जो दलित अधिकारों के लिए काम करती है। खबरों के मुताबिक इसी के विरोध में संगठन ने कहा है कि योगी आदित्य नाथ का यह व्यवहार जातीवादी है। संगठन के किर्ती राठौड़ और कांतिलाल परमार ने कहा- उन्हें अपनी अशुद्धियों को साफ करने की जरूरत है। आगे उन्होंने कहा कि सीएम योगी को खुद को स्वच्छ करने की जरूरत है।
गौरतलब है कि, योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर की मुसहर बस्ती में पांच बच्चों को टीका लगाकर इंसेफलाइटिस टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मुसहर समुदाय के एक बुजर्ग ने बताया था कि अधिकारियों ने उन्हें खुशबुदार साबुन, शैंपू और सेंट भी दिया और कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने से पहले इनसे नहा लेना और सेंट लगा लगाकर अच्छी तरह तैयार होकर आएं।
इतना ही नही इससे पहले भी सीएम योगी आदित्यनाथ देवरिया जिले में BSF के शहीद जवान के परिवार से मिलने से गए थे। तब उनके आने से पहले ही शहीद के घर पर एसी लगवा दिया गया तो कालीन बिछाकर नया सोफा रखवाया गया। ताकि सीएम को किसी प्रकार की तकलीफ न हो। सीएम योगी के जाने के साथ ही यह सारा सामान हटवा लिया गया।