दुबई में फंसे सिंगर सोनू निगम ने कहा- ‘अस्सलामो अलैकुम, अल्लाह या हफ़ीज़कुम’, वीडियो वायरल

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बॉलीवुड के मशहूर गायक सोनू निगम अपने ‘अजान’ वाले पुराने ट्वीट को लेकर एक बार फिर से सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए है। सोशल मीडिया के जरीए लोगों ने दुबई में मौजूद सोनू निगम की गिरफ्तारी को लेकर दुबई पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। इस बीच, उनका एक वीडियो सामने आया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में वह ‘अस्सलामो अलैकुम, अल्लाह या हफ़ीज़कुम’ बोलते हुए नजर आ रहे है।

सोनू निगम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनू निगम दुबई गए थे लेकिन कोरोना लॉकडाउन के चलते फिलहाल वे वहीं फंस गए हैं। इस बीच, साल 2017 में ‘अजान’ को लेकर दिए गए बयान की वजह से वे फिर से लोगों के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स सोनू निगम के पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दुबई पुलिस और वहां के प्रशासन को टैग कर सोनू निगम पर कार्रवाई की मांग कर रहे है। तो कई यूजर्स सोनू निगम के पक्ष में खड़े नजर आए। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सोनू निगम ने दुबई में होने की वजह से डर से अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर दिया है।

इस बीच, सिंगर सोनू निगम का एक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह बता रहे है वह इस समय दुबई में है और अपने परिवार के साथ है। वीडियो की शुरुआती में वह ‘अस्सलामो अलैकुम, अल्लाह या हफ़ीज़कुम’ भी कहते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद वह कोरोना को लेकर कहते है कि, ऐसा हमने कभी नहीं सोचा था कि कोरोना जैसा भी कुछ होगा। साथ ही वह लोगों से अपील कर रहे है कि, बिना इमरजेंसी के घर से बाहर ना निकलने।

बता दें कि, 17 अप्रैल 2017 को सोनू निगम ने मस्जिदों से होने वाली अजान पर सवाल उठाते हुए उसे गुंडागर्दी तक करार दे दिया था। सोनू निगम ने अपने ट्वीट्स में लिखा था कि, ”ईश्‍वर सबका भला करे। मैं मुस्लिम नहीं हूं और मुझे सुबह अज़ान के चलते उठना पड़ता है। भारत में यह जबरन धार्मिकता कब खत्‍म होगी? इसके अलावा उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा था, ‘बता दूं कि जब मोहम्‍मद ने इस्‍लाम बनाया तब बिजली नहीं थी। एडिसन के बाद भी मुझे यह शोर क्‍यों सुनना पड़ता है?’

उन्होंने अपने अगले ट्वीट में मंदिर और गुरुद्वारे का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं किसी मंदिर या गुरुद्वारे द्वारा उन लोगों को जगाने के लिए बिजली के उपयोग को जायज नहीं मानता जो धर्म पर नहीं चलते। फिर क्‍यों? ईमानदारी? सच्‍चाई? गुंडागर्दी है बस?’

गौरतलब है कि, मस्जिद में लोगों को बुलाने के लिए अजान दी जाती है। अजान का अर्थ होता है पुकारना या घोषणा करना, अजान दिन में पांच बार नमाज से पहले होती है।

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