नीतीश कुमार को बड़ा झटका, ‘नाराज’ शरद यादव JDU से अलग होकर बनाएंगे नई पार्टी

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24 घंटे के अंदर महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के लिए आगे की राह आसान नहीं नजर आ रही है। नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन तोड़ने के बाद उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। इस बीच नीतीश कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते वाले पूर्व जेडीयू अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव के एक करीबी ने नई पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं।शरद यादव के विश्वस्त माने जाने वाले और दो बार बिहार विधान परिषद सदस्य रहे विजय वर्मा ने शरद के महागठबंधन में बने रहने के लिए एक नई पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, इस खबरों को खारिज करते हुए जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने इसे अफवाह बताया है। वहीं, जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने भी शरद की ‘नाराजगी’ को बुधवार(2 अगस्त) को खारिज कर दिया।

उधर, विजय वर्मा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को फोन पर बताया कि शरद जी पुराने साथियों के संपर्क में हैं और राजनीतिक हालात पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए दल का गठन एक विकल्प है और उस पर संजीदगी से विचार किया जा रहा है। वर्मा ने दावा किया कि शरद ने जोर देकर कहा है कि वह धर्मनिरपेक्ष शक्ति वाले महागठबंधन में बने रहेंगे और इसी को जेहन रखते हुए वह कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से मिले थे।

उन्होंने कहा कि शरद ने एनडीए सरकार में मंत्री के तौर पर शामिल होने से इनकार कर दिया है। यह पूछे जाने पर कि अन्य किन-किन लोगों से शरद यादव की बातचीत हुई है, वर्मा ने नाम का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका सोशल नेटवर्क बहुत बड़ा है।

शरद यादव ने नीतीश के फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

बता दें कि होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआई की प्राथमिकी पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के जनता के बीच स्पष्टीकरण नहीं देने पर नीतीश के महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी और उसके अन्य सहयोगी दलों के साथ राज्य में नई सरकार बनाए जाने को लेकर शरद यादव सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।

गत 31 जुलाई को संसद के बाहर शरद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि जनादेश इसके लिए नहीं था और महागठबंधन के बिखरने को अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। शरद के करीबी माने जाने के सी त्यागी ने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि उन्हें आश्चर्य (बीजेपी के साथ हाथ मिलाने पर) व्यक्त किया है पर कभी नहीं कहा कि मेरा विरोध है।

 

 

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