महाराष्ट्र: मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने पर स्कूल प्रशासन ने लगाई रोक, जानिए क्यों?

0

इस्लामोफोबिया का डर दुनियाभर में देखा जा रहा है, अब हमारे देश में भी इसी आधार पर भेदभाव देखने को मिल रहा है, जिसका ताजा मामला महाराष्ट्र में देखने को मिला है। महाराष्ट्र के थाणे में स्थित सिम्बायोसिस कॉन्वेन्ट हाई स्कूल प्रशासन ने छात्राओं के सुरक्षा की बात कहते हुए मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने पर रोक लगा दी है।

महाराष्ट्र
प्रतिकात्मक फोटो

इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए स्कूल के ट्रस्टी कमलराज देव ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए ही यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ छात्राएं अपने पूरे चेहरे को बुर्का से ढकी होती हैं। जब वो स्कूल आती हैं तो स्कूल का सिक्योरिटी पर्सन उन्हें नहीं पहचान पाता है। ऐसे में छात्राओं के साथ कुछ अनहोनी न हो जाय, इसलिए ये व्यवस्थी की गई है।

कमलराज देव के मुताबिक, कुछ दिनों पहले दो महिलाएं अपनी बच्ची को लेने आई थीं और उनके चेहरे ढके हुए थे। जब क्लास टीचर को बुलाया गया तो वो दोनों महिलाएं वहां से भाग खड़ी हुईं। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से अपहरण की कोशिश थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में ही स्कूल प्रशासन ने एक सर्कूलर जारी कर निर्देश दिया था कि छात्राओं को स्कूल के अंदर अपने चेहरे को ढकने की इजाजत नहीं होगी। सर्कूलर में कहा गया था कि स्कूल परिसर छोड़ने तक ऐसा नहीं कर सकती हैं।

हालांकि, स्कूल प्रशासन ने थोड़ी छूट देते हुए कहा कि स्कूल के बाहर हिजाब लगाकर आने वाली छात्राएं स्कूल में प्रवेश करते ही हिजाब हटा लेंगी।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल प्रशासन के इस फरमान का कुछ छात्राओं के अभिभावक तारीफ कर रहे है तो वहीं कुछ छात्राओं के अभिभावक इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले अभिभावक इसे धार्मिक भानवाओं से खिलवाड़ बता रहे है।

बता दें कि, इससे पहले उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक मिशनरी स्कूल की प्रिंसिपल ने एक मुस्लिम छात्रा को कथित रूप से एक फरमान जारी किया कि वह या तो स्कार्फ न पहने या फिर किसी मुस्लिम संस्थान में दाखिला ले ले।घटना कोतवाली क्षेत्र के आनंद भवन मिशनरी स्कूल की थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here