पीएम नरेंद्र मोदी के रडार वाले बयान पर अब प्रियंका गांधी ने ली चुटकी, कहा- ‘इतने बड़े रक्षा विशेषज्ञ हैं कि…’ वायरल हुआ वीडियो

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बालाकोट एयर स्ट्राइक के बारे में रडार वाले बयान के बाद अब डिजिटल कैमरा और ईमेल के इस्तेमाल को लेकर किए गए दावे के बाद विवाद शुरू हो गया है। न्यूज़ नेशन को दिए इंटरव्यू का ये दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। मोदी ने इंटरव्यू में बालाकोट एयर स्ट्राइक पर बात करते हुए एक ‘दिव्य ज्ञान’ दिया और दावा किया था कि उन्होंने तब सेना के बड़े अधिकारियों को सुझाया था कि बादलों की वजह से पाकिस्तान के रडार चकमा खा सकते हैं, जिससे हमारे लड़ाकू विमानों को मदद मिलेगी।

वहीं, दूसरे वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने दावा करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1988 में डिजिटल कैमरे से एक तस्वीर खींचकर ईमेल की थी। अब इन दोनों बयानों के बाद प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के साथ-साथ राजनीतिक दलों के भी निशाने पर हैं। पीएम मोदी के इस दावे से सोशल मीडिया यूजर्स हैरान और परेशान है। मोदी के इस दोनों बयान के बाद सोशल मीडिया में खूब मीम और चुटकुले साझा किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स के अलावा विपक्षी पार्टियों ने भी इस बयान को लेकर मोदी पर हमला भी बोला है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस का प्रचार करने पहुंची पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। प्रियंका ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार में पांच वर्षों में सिर्फ प्रचार ही हुआ है, काम कुछ नहीं हुआ। वहीं, मोदी के रडार पर हाल ही में दिए गए बयान पर तंज कसते हुए प्रियंका ने कहा कि ये इतने बड़े रक्षा विशेषज्ञ हैं कि इन्होंने सोचा कि ऐसा काम करेंगे कि मौसम क्लाउडी है, रडार पर नहीं आएंगे, लेकिन ये रेडार पर आ गए हैं।

प्रियंका गांधी ने इंदौर में अपने रोड शो के समापन के बाद पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, “इतने बड़े रक्षा विशेषज्ञ हैं कि उन्होंने (पीएम मोदी) खुद तय कर लिया कि जहाज कौन बनाएगा, जिसने कभी जिंदगी में हवाई जहाज नहीं बनाया, वह बनाएगा। उसको जमीन दे दी, उसको (अनिल अंबानी) कॉन्ट्रैक्ट भी दे दिया। एचएएल से बनवाया नहीं, जिसने पचासों साल के लिए जहाज बनाया।'”

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने क्लाउडी मौसम और रडार का जिक्र कर पीएम मोदी पर चुटकी लेते हुए आगे कहा, “इतने बड़े रक्षा विशेषज्ञ हैं कि उन्होंने सोचा कि ऐसा काम करेंगे, मौसम क्लाउडी है, रडार पर नहीं आएंगे लेकिन ये रडार पर आ गए हैं। और चाहें बारिश का मौसम हो, चाहे खुली धूप हो, सब समझ गए हैं कि इनकी राजनीति की सच्चाई क्या है।”

बता दें कि शनिवार को न्यूज नेशन चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि खराब मौसम के कारण रक्षा विशेषज्ञ बालाकोट एयर स्ट्राइक को टालना चाहते थे, लेकिन उन्होंने उनकी शंका खत्म करते हुए अपनी सलाह दी कि वह हमला कर दें। पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए एयर स्ट्राइक के बारे में मोदी ने कहा था, ‘‘हवाई हमले के दिन मौसम अच्छा नहीं था। विशेषज्ञों के मन में यह बात समा गई थी कि हमले का दिन बदला जाना चाहिए। लेकिन मैंने सुझाव दिया कि बादलों के कारण हमारे विमानों को रडार (पाकिस्तानी) की पकड़ में आने से बचने में मदद मिलेगी।’’

इसी इंटरव्यू में पीएम मोदी ने एक और दावा किया था कि उन्होंने पहली बार 1988 में डिजिटल कैमरा और ई-मेल का इस्तेमाल किया था। मोदी ने इंटरव्यू में कहा था, ‘‘मैंने पहली बार 1987-88 में डिजिटल कैमरे का इस्तेमाल किया और उस वक्त बहुत कम लोगों के पास ई-मेल होता था। लालकृष्ण आडवाणी की एक रैली थी और मैंने अपने कैमरे से उनकी तस्वीर ली। फिर मैंने तस्वीर दिल्ली भेज दी और वह अगले दिन रंगीन रूप में प्रकाशित हुई। इस पर आडवाणीजी को बड़ा आश्चर्य हुआ था।’’

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