ITAT ने प्रणय रॉय को 642 करोड़ की कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दोषी ठहराया

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इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (आईटीएटी) ने एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय को कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दोषी ठहराया है। अपीलीय ट्रिब्यूनल ने कहा कि डाॅ रॉय 642 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के लिए जिम्मेदार थे।

प्रणय रॉय

यह भी माना जाता है कि वर्ष 2009 में, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने एनडीटीवी के मालिकों की मिलीभगत से विदेशी कंपनियों की वित्तीय जानकारी को छिपाया और 642 करोड़ रुपये की धन-वापसी के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था, जिसमें 642.54 करोड़ रुपये के काले धन का इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (आईटीएटी)  ने पता लगाया था।

इसके अलावा आयकर विभाग की इस जानकारी की पुष्टि भी आईटीएटी ने की है जिसमें बताया गया है कि प्रणय रॉय ने एनडीटीवी की विदेशी पेपर सहायक कंपनियों के वित्तीय विवरणों छिपाने का प्रयास किया था।

बता दें कि सीबीआई ने 5 जून, 2017 को प्रणय रॉय के घर पर तलाशी ली गई थी। सीबीआई के मुताबिक छापे दिल्ली के दो, देहरादून के एक और मसूरी के एक परिसर में ली थी। CBI ने प्रणय रॉय, राधिका रॉय और आरआरपीआर होल्डिंग्स के खिलाफ एक प्राइवेट कंपनी और आईसीआईसीआई बैंक को कथित तौर पर 48 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया था।

इसके बाद प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय के आवासों और कार्यालयों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मारे गए छापों और उसके द्वारा दायर की गई FIR को चुनौती देते हुए NDTV और उसकी प्रमोटर कंपनी ने (6 जुलाई) को दिल्‍ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

लेकिन अब इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (आईटीएटी) ने एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय को कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दोषी मान लिया है।

आपको बता दे कि इस छापे मारी से तीन दिन पूर्व ही निधि राजदान ने अपने शो से बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा को बाहर कर दिया था। जिसके बाद लोगों ने निधि राजदान के इस कदम की सराहना की थी। इस घटना को ही छापेमारी का जिम्मेदार मानते हुए सोशल मीडिया पर संबित पात्रा को ट्रोल किया जाने लगा था।

जबकि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप में एनडीटीवी के खिलाफ 2,030 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया था। ईडी का ये नोटिस प्रणय रॉय, राधिका रॉय और सीनियर एग्जीक्यूटिंव केवीएल नारायण राव के खिलाफ जारी किया गया था।

 

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