इंटरव्‍यू में पीएम मोदी ने कहा, अगर जी टीवी के बाहर कोई पकौड़े बेच रहा तो वो रोजगार है कि नहीं?, सोशल मीडिया यूजर्स ने लिए मजे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार(19 जनवरी) की रात हिंदी समाचार चैनल जी न्यूज़ को एक खास इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतराष्ट्रीय मसले,जीएसटी, नोटबंदी और रोजगार जैसे कई मुद्दों पर बात की।

मोदी

ज़ी न्यूज़ से बात करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन दोनों कामों (जीएसटी और नोटबंदी) को ही मेरी सरकार का काम मानेंगे तो हमारे साथ यह अन्याय है, हमारे चार साल के काम को देखें। उन्होंने कहा कि, इस देश में बैकों के राष्ट्रीयकरण के बाद भी 30-40% लोग बैंकिंग सिस्टम से बाहर हैं, हमने उन्हें जोड़ा है। क्या ये उपलब्धि नहीं है? लड़कियों के स्कूल के लिए शौचालय, क्या ये कम (बड़ी उपलब्धि) नहीं है? 3.30 करोड़ लोगों के घर गैस पहुंचना क्या काम नहीं है, 90 पैसे में गरीब का इंश्योरेंस, क्या ये काम नहीं है।

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि, जहां तक जीएसटी का सवाल है, जब अटलजी की सरकार थी इसकी चर्चा शुरू हुई। यूपीए सरकार के समय इस मसले पर राज्यों की नहीं सुनी जाती थी, चाहे जो भी कारण रहा हो। मैं जब गुजरात का सीएम था तब बोलता था, पर नहीं सुनी जाती थी। एक देश, एक टैक्स की दिशा में हमने बहुत बड़ी सफलता पाई। कोई व्यवस्था बदलती है तो थोड़े एडजस्टमेंट करने होते हैं, जब लॉन्ग टर्म में देखा जाएगा तो इन्हें बहुत सफल माना जाएगा।

लेकिन इस जवाब में उन्होंने न तो यह बताया कि जीएसटी से क्या फायदा हुआ और न ही यह बता पाए कि नोटबंदी और जीएसटी के जो टारगेट थे, वे पूरे हुए या नहीं।

इस इंटरव्यू में पीएम ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। दुनिया और सभी रेटिंग एजेंसियों ने भी इसे माना है। साथ ही पीएम ने अपनी आगामी दावोस यात्रा पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि विश्व के इतने बड़े आर्थिक केंद्र के मुखिया के मुंह से दुनिया कुछ सुनना चाहती है। देशवासियों ने जो तरक्की की है, जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उसे दुनिया के सामने रखने में मुझे गर्व महसूस होगा।

जीडीपी की वृद्धि दर नीचे आने पर आलोचनाओं को लेकर मोदी ने कहा कि यह अच्छी चीज है क्योंकि देश का ध्यान अर्थव्यवस्था और वृद्धि की ओर केंद्रित हो गया है। उन्होंने कहा कि आलोचना को बुरी चीज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह लोकतंत्र की ताकत है, जहां हर चीज का विश्लेषण होता है। अच्छी चीजों की सराहना हो और खामियों की आलोचना। हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि कई बार आलोचना कम होती है आरोप अधिक लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि देश जीडीपी, कृषि, उद्योग और बाजारों के बारे में बात कर रहा है।

 

जब एंकर सुधीर चौधरी ने सरकार द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के मामले पर सवाल किया तब उन्होंने कहा कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं? सुधीर चौधरी ने श्रम मंत्रालय के आंकड़े पेश करते हुए सवाल किया कि क्या सरकार नौकरियां पैदा करने की दिशा में सही रास्ते पर चल रही है या नहीं।

एंकर सुधीर चौधरी ने पीएम द्वारा नवंबर 2013 में आगरा में किए गए उस वादे को लेकर सवाल किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह देश में एक करोड़ नौकरियां पैदा करेंगे। इस पर पीएम ने कहा कि, ‘हाल ही में एक स्वायत्त संस्था ने ईपीएफ के आंकड़े निकाले हैं और यह आंकड़े गलत नहीं होते, क्योंकि इसमें आधार नंबर होता है, बैंक अकाउंट होता है और पैसा होता है। इस एक साल में 70 लाख ईपीएफ जुड़े हैं, यह एक स्वायत्त संस्था का आंकड़ा है।

दूसरा हमने ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ बनाई। इसमें जो भी व्यक्ति रोजगार करना चाहता है, उसे बिना बैंक गारंटी के पैसा दिया जाता है। इस देश को गर्व होना चाहिए कि दस करोड़ लोगों ने मुद्रा योजना का लाभ लिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें से 3 करोड़ लोग वह हैं जिन्होंने पहले कभी भी बैंक से एक रुपए भी नहीं लिए थे। इसका मतलब यह है कि यह नए व्यवसायी हैं। कोई व्यक्ति पैसा लेता है, एक दुकान भी चलाता है तो वह खुद तो रोजगार पाता ही है एक दूसरे व्यक्ति को भी रोजगार का अवसर देता है, क्या इसको रोजगार मानेंगे कि नहीं मानेंगे।’

इंटरव्यू के पीएम मोदी ने यह भी कहा कि, छोटा व्यवसाय करने वाले भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। इसी मामले पर उन्होंने आगे कहा कि, कोई मुझे बताए कि अगर आपके जी टीवी के बाहर किसी ने पकौड़े की दुकान लगाई और शाम को वह 200 रुपए कमाकर घर गया, इसको आप रोजगार कहेंगे कि नहीं कहेंगे? किस रजिस्टर में लिखा होगा कि यहां कोई व्यक्ति 200 रुपए रोज कमाता है। यह सीधी-सीधी समझ का विषय है कि बैंक से 10 करोड़ लोगों को पैसा दिया गया है, मतलब इतने सारे लोगों ने रोजी-रोटी पाई है।

पीएम मोदी की इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जमकर मजाक उड़ाया। वहीं, कई यूजर्स ने उनके दावों का मजाक उड़ाते हुए उन पर तंज भी कसा।

वहीं, शहला राशिद ने लिखा कि यूं तो यह पूरा इंटरव्यू पहले से तय था, फिर भी मोदी ने किसी सवाल का सही जवाब नहीं दिया।

देखिए कुछ ऐसे ही ट्वीट्स

 

https://twitter.com/HinduIQ/status/954565627565432837?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=http%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Findia%2Fpm-modis-comments-people-selling-pakaude-outside-zee-news%2F169607%2F

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