कासगंज हिंसा: सामने आया झड़प से ठीक पहले का वीडियो, मुस्लिम लोग कर रहे थे तिरंगा फहराने की तैयारी

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उत्तर प्रदेश के कासगंज में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दिन तिरंगा यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा में चंदन गुप्ता की मौत के मामले के मुख्य आरोपी सलीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, केंद्र सरकार ने इस मामले में योगी सरकार से रिपोर्ट देने को कहा है। गृह मंत्रालय ने यूपी सरकार को शुक्रवार को शुरू हुई हिंसा तथा उसके बाद इलाके में शांति के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।

कासगंज

वहीं, दूसरी ओर कासगंज हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें अगल-अलग दावे किए जा रहे हैं। इस बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें गणतंत्र दिवस के दिन दो पक्षों के बीच हुए विवाद से ठीक पहले का फुटेज है।

वायरल हो रहें इस विडियो में मुस्लिम लोग तिरंगा फहराने की तैयारी करते दिख रहे है। इसके अलावा विडियो में तिरंगा यात्रा कर रहे युवकों के साथ हल्की झड़प होती भी दिख रही है। यह विडियो हुल्का मोहल्ले के वीर अब्दुल हमीद चौक का बताया जा रहा है।

विडियो में साफ़ देखा जा सकता है की कुछ लोग तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे है। चारों और ग़ुब्बारे लगाए जा रहे है और आप इस वीडियो में देख सकते है कि, सड़क पर कुछ कुर्सियां भी लगायी गई है।

26 जनवरी के इस विडियो में सुबह 9 बजकर 51 मिनट पर कुछ स्थानीय निवासी तिरंगा फहराने के लिए तैयार होते दिख रहे हैं। आसपास कई सारे बच्चे खेलते और दौड़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद वहां पर मौजूद लोग दूसरी तरफ जाते दिख रहे हैं, जहां पर विवाद जैसा कुछ होता दिख रहा है।

इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो जाती है, लोग एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे। इस घटना के बाद अचानक से वहां अफरातफरी का माहौल पैदा हो जाता है। फ़िलहाल, पुलिस ने इस विडियो को अपने क़ब्ज़े में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

यह विडियो कॉलोनी में ही रहने वाले एक शख्स ने पहचान नहीं जाहिर होने की शर्त पर मीडिया को दिया है। नवभारत टाइम्स में छपी ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, वीर अब्‍दुल हमीद चौक के आसपास रहने वाले स्‍थानीय लोगों ने बताया कि, ‘ऐसा पहली बार हुआ कि तिरंगा यात्रा जुलूस में शामिल युवकों का दल इस चौराहे पर आया। मैंने अपनी पूरी जिंदगी में हुल्का मोहल्ले की पतली गलियों में इतने सारे युवकों को पहली बार देखा। हर साल इस तरह की रैलियां बिलराम गेट, सोरोगेट, सहवरगेट, नदरीगेट की मुख्य सड़कों से होती हुई गुजरती थीं।’

साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘वे बड़ी संख्या में आए और रास्ता साफ करने की मांग करने लगे। सड़क के बीच में तिरंगा फहराया जा रहा था, लेकिन वे रास्ता साफ कर वहीं से जाने पर अड़े हुए थे। हमने उन्हें साथ में समारोह मनाने की अपील की लेकिन वे हमारे धर्म को लेकर उत्तेजक नारे लगाने लगे, इसके बाद उन्होंने हम पर हमला कर दिया।’

बता दें कि, इस वीडियो को वरिष्ठ पत्रकार आलोक उपाध्याय ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

देखिए वीडियो:

Hope is haging by a thin thread. After watching this video I was pained. It feels like the cause is already lost, we would never be able to win over this hatred, probably it is time to stop. No point in fighting, the defeat is imminent.If these small children with Tiranga in their hands, and patriotic songs on their lips, celebrating Republic day can be declared as Pakistani supporters, the ones who were opposed to Tiranga Yatra, then I wonder who can be called a patriot.These children have been scarred for life, and they have been taught a bitter lesson, that your patriotism doesnt matter, what matters is your religion. You will never be regarded as an Indian, you will be always looked with suspicion.CCTV footage tells the true story of #Kasganjफिर वो आये भीड़ बनकरहाथ में थे उनके खंजरबोले फेंको ये किताबेंऔर सम्भालों ये सलाखेंये जो गहरा सा कुआँ हैहाँ-हाँ अँधा तो नहीं हैइस कुँए में है खज़ानाकल की दुनिया तो यहीं हैकूद जाओ लेके खंजरकाट डालो जो हो अन्दरतुम ही कल के हो शिवाजीतुम ही कल के हो सिकंदरAt a chowk named after Param Vir Chakra winner Shahid Abdul Hamid, people are seen preparing for Republic Day celebrations and for hositing national flag. Children are present there, kids dressed in school unifiroms, chairs are being arranged for people to sit during the event. Ballons of the color of tri-colour are being hanged, music system being put, it is like anyother republic day celebrations we have in any small locality of India.Celebrations start, and mostly there are children and teenagers standing around the flag post, waiting to unfurl the flag.Suddenly celebrations are disrupted, most of them move to the direction probably from where so-called nationalist Tiranga yatra came, after some time suddenly there is chaos, people start running, children run away, chairs are disbursed and it appears that a fight has broken out. Looking at the video it appears that they cam predetermined.Multiple versions have come from various sources, but the way entire story was played out there and the discussions have happened on social media, there is no doubt about bias against the community. WhatsApp messages are the most dangerous ones, they are really scary filled with venom and hatred. What has happened is sign of what is to come, there will be continuos provocation trying to evoke violent reaction, somebody will definitely crack and revolt in violent manner and that will be an excuse to unleash the horror. Hope is fading, even Mahatma was not able to prevent partition then, and today we do not even have Gandhi, it is just us. You n me.

Posted by Alok Shukla on Friday, February 2, 2018

 

 

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