वॉट्सऐप ग्रुप से हटाने के बाद भावुक हुईं अलका लांबा, बोलीं- ‘2020 में समाप्त हो जाएगा AAP के साथ शुरु हुआ सफर’

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दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) से नाराज चल रहीं चांदनी चौकी से पार्टी विधायक अलका लांबा ने शनिवार को दावा किया कि उन्हें पार्टी विधायकों के व्हाट्सऐप ग्रुप से एक बार फिर हटा दिया गया है। इस व्हाट्सऐप ग्रुप में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं। वॉट्सऐप ग्रुप से निकाले जाने के बाद से अलका लांबा ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर पार्टी और सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि 2020 में उनका सफर पार्टी के साथ खत्म हो जाएगा। बता दें कि, दिल्ली में अगले साल ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

अलका लांबा
फाइल फोटो: @LambaAlka

अलका ने कई ट्वीट कर पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “पार्टी के भीतर कुछ लोगों ने खूब ज़ोर लगा रखा है पिछले 5 महीनों से की मुझे पार्टी से बाहर कर दिया जाए, या ऐसा माहौल पैदा किया जाये की मैं भी दूसरों की तरह पार्टी छोड़ कर चली जाऊँ, मेरा मेरी जनता से 5 साल साथ देने का वायदा था, वायदा तो निभा कर ही जाऊँगी, कुछ अधूरे काम पूरे जो करने हैं।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने 2020 में आप के साथ सफर समाप्त होने का भी ऐलान किया। अलका ने लिखा, “2013 में आप के साथ शुरू हुआ मेरा सफ़र 2020 में समाप्त हो जायेगा। मेरी शुभकामनाएं पार्टी के समर्पित क्रांतिकारी ज़मीनी कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा रहेगीं, आशा करती हूं आप दिल्ली में एक मजबूत विकल्प बने रहेगें। आप के साथ पिछले 6 साल यादगार रहगें। आप से बहुत कुछ सीखने को मिला। आभार।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मैं पार्टी के भीतर नही हूँ, इसलिये पार्टी के बाहर से ही एक शुभचिंतक की तरह सुझाव देती रहूँगी, मानो-ना मानो आप की मर्जी। अगर दिल्ली जीतनी है तो अरविंद जी को दिल्ली पर फ़ोकस करना चाहिये और संविधान के मुताबिक़ पार्टी कन्वीनर का पद संजय सिंह जी को सोप देना चाहिये, संगठन का अनुभव भी है।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने व्हाट्सऐप ग्रुप का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा, “दिल्ली में 12 मई को वोट पड़ने थे, वोटिंग से कुछ दिन पहले विधायक चाह कर भी पूरी तरह से चुनावों पर ध्यान नही दे पा रहे थे, क्योंकि उनके इलाके में पानी को लेकर लोगों ने उन्हें घेरा हुआ था, जल मंत्रालय CM के पास है पर उनके पास समय नही है, MLAsने इसे भी हार का एक कारण बताया। एक पद बेहतर।”

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