विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को शिवराज की पुलिस ने लॉकअप में बंद कर पीटा

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बीजेपी शासित राज्य मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में मंगलवार(3 अक्टूबर) को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए किसानों ने कांग्रेस के साथ आंदोलन किया। इस दौरान कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग कर रहे किसानों की पुलिस से झड़प हो गई। देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई और पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े।

लॉकअप
photo- @CNNnews18

दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक, बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद आंदोलन से वापस लौट रहे किसानों से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस ने रोक लीं उन्हें देहात थाने ले गए। दुनातर से आए एक किसान ने बताया कि हम लोग प्रदर्शन से गांव लौट रहे थे, तभी पुलिस ने रोक लिया और थाने ले जाकर पीटा। करीब एक घंटे बाद पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह ने समर्थकों के साथ थाने जाकर किसानों को छुड़ाया।

ख़बरों के मुताबिक, मंगलवार को कांग्रेस ने टीकमगढ़ में खेत बचाओ- किसान बचाओ आंदोलन आयोजित किया था। इसी दौरान कलेक्टोरेट पहुंचे किसानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की गई। कांग्रेस नेता और किसान कलेक्टर को ज्ञापन देने की बात पर अड़े थे।

लेकिन कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल 45 मिनट तक अपने दफ्तर ने नीचे नहीं उतरे और इस दौरान हालात लगातार बिगड़ते चले गए। देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई और पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

बता दें कि, पिछले दिनों मंदसौर जिले में आंदोलन कर रहे किसानों पर हुई फायरिंग में करीब 6 की मौत हो गई थी। जिसके बाद मंदसौर-नीमच रोड पर पिपल्यामंडी इलाके में उग्र किसानों ने 8 ट्रकों और 2 बाइकों को आग लगा दी थी।

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