केजरीवाल की इफ्तार पार्टी से गायब रहें कुमार विश्वास, ट्विट कर पेड़ो की आड़ में साधा निशाना

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शुक्रवार(23 जून) को दिल्ली सरकार की और से एक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें आप नेता कुमार विश्वास शामिल नहीं हुए। ख़बरों के मुताबिक, कुमार विश्वास का कहना है कि उन्हें इफ्तार पार्टी में आमंत्रित नहीं किया गया था। वहीं उर्दू अकादमी के उपाध्यक्ष माजिद देवबंदी ने कहा है कि विश्वास को स्पीड पोस्ट के जरिए निमंत्रण भेजा गया था।

कुमार विश्वास

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इफ़्तार पार्टी में नहीं बुलाए जाने की जानकरी देते हुए विश्वास ने कहा पार्टी में बुलाना दिल्ली सरकार का विशेषाधिकार है कि इसमें किसे बुलाया जाए और किसे नहीं। जंतर-मंतर में जो आंदोलन शुरू हुआ था, वो इसलिए तो नहीं हुआ था कि दिल्ली सरकार मुझे इफ़्तार में बुलाए या न बुलाए यह सवाल गैर जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि, पिछले दो सालों में उन्हें बुलाया गया था तो वह गये भी थे। लेकिन इस बार नहीं बुलाया गया तो नहीं जा रहा हूं।

दिल्ली सरकार की और से आयोजित इफ्तार पार्टी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और आप के विधायकों शामिल हुए। कुमार विश्वास के इफ्तार में नहीं पहुंचने की वजह से आप में चल रहे आंतरिक झगड़े और बड़े नेताओं के बीच अविश्वास की खाई एक बार फिल खुल कर सामने आ गई है।

बता दें कि, शुक्रवार को इफ्तार पार्टी में कुमार विश्वास के नहीं पहुचने से पार्टी में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इसके बाद शनिवार(24 जून) की सुबह को कुमार विश्वास ने एक ट्विट में कहा कि, ‘कभी मेरे ही रोपें हुए ये वृक्ष चूँकि आदमी की तरह फ़रामोश नहीं हैं, इसीलिए मुझे सुबह उठने पर प्रणाम-मुद्रा में भेंटतें हैं’।

गौरतलब है कि, इससे पहले दिल्ली के आईटीओ स्थित पार्टी ऑफिस के बाहर कुमार विश्वास के विरोध में पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर्स में कुमार विश्वास पर बेहद तीखी टिप्पणी की गई है। पोस्टर में लिखा है कि, “भाजपा का यार है, कवि नहीं गद्दार है। छिप-छिप हमला करता है, वार पीठ पर करता है। ऐसे धोखेबाजों को बाहर करो- बाहर करो” साथ ही लिखा है कुमार विश्वास का काला सच बताने के लिए पार्टी नेता दिलीप पांडेय का आभार।

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