VIDEO: ‘जनता का रिपोर्टर’ के कॉन्क्लेव में सांसद सुष्मिता देव ने कहा- गुजरात में विकास पागल हो गया है और प्रगति भाग गई

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कोलकाता में आयोजित ‘जनता का रिपोर्टर’ के दूसरे कॉन्क्लेव में देशभर की दिग्गत हस्तियों ने अपने विचार रखें। ‘सोशल जस्टिस’ के विषय पर आयोजित आठ अलग-अलग सेशन में राजनीति, मनोरंजन, अर्थव्यस्था, समाज, शासन-प्रशासन, पत्रकारिता और कानून के मुद्दे पर मशहूर लोगों ने अपने विचार रखें।

सुष्मिता देव

जनता का रिपोर्टर के प्रधान संपादक रिफत जावेद ने भी आयोजित सेशन के कुछ हिस्सों में भाग लेकर आए हुए मेहमानों से कई जटिल सवाल पुछे। सोशल जस्टिस की थीम के लाॅ मेकर्स सेशन में मुख्य अतिथि CPI-M MP के सांसद मुहम्मद सलीम, कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव और वेस्ट बंगाल में मिनिस्टर चद्रिमा भट्टाचार्य ने रिफत जावेद के कई सवालों का जवाब देते हुए अहम परिचर्चा का हिस्सा बनें।

सांसद मुहम्मद सलीम, CPI-M MP

सांसद मुहम्मद सलीम ने अपने विचार रखते हुए आधार कार्ड के माध्यम से जमा डेटा और जानकारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संविधान के मूल रूप से विरोध की दर्शाता है। आपके द्वारा मोबाइल कम्पनियों द्वारा एकत्र किया जाने वाला डाटा क्या होता है। इसमें हमारी मौलिकता का क्या होता है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कालेधन का कोई पता नहीं चला लेकिन लोगों की सारी जानकारियां सरकार ने जमा करा ली। क्या यह सब एक बड़े घोटाले की तरफ इशारा नहीं करता। उन्होंने आगे कहा कि हम इससे एक एमसा समाज तैयार कर रहे है जो अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ होगा।

सांसद सुष्मिता देव, Congress 

जबकि परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए कांगे्रस सांसद सुष्मिता देव ने कई अहम मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि 2014 का चुनाव गुजरात माॅडल की एक कहानी था, जिसे गुजरात के बाहर के हिस्सों में भी बेचा गया और लोगों ने इसका विष्वास किया। इसके पीछे जो कहानी दिखाई गई उसमें बताया गया कि गुजरात किसी अन्य विकसित राज्य की तुलना में अधिक विकसित है और व्यापारिक केन्द्र के रूप में इसे प्रचारित किया गया। जबकि मैंने गुजरात में 7 दिन बिताए और लोगों से वहां के विकास के बारें में पता किया तो मालूम चला कि विकास पागल हो गया है। जिस विकास को गुजरात में हाई लाइट किया गया था उसे ही लोग बता रहे थे कि विकास पागल हो गया है। जिसके बाद सरकार ने अपना स्लोगन बदल दिया और विकास के बदले प्रगति की बात कहने लगे लेकिन लोगों ने कहा कि प्रगति भाग गई।

चन्द्रिमा भट्टाचार्य, Minister of State (Health, E-governance), Bengal govt

इसके अलावा चन्द्रिमा भट्टाचार्य जो वेस्ट बंगाल में बतौर मंत्री हैसियत से शिरकत कर रही थी ने रिफत जावेद के कई अहम सवालों का जवाब दिया। उन्होंने सोशल जस्टिस के मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए कहा कि संविधान से सभी के लिए बराबर समाजिक न्याय रखा है लेकिन क्या यह सब लोगों का बराबर पहुंच रहा है। सवाल यह है कि समाजिक न्याय का लक्ष्य लोगों तक बराबर पहुंचे इसलिए कानून बनाए जाते है जो लागू भी हो रहे है लेकिन जहां इसका अभाव है वहां इस पर कारवाई भी होनी चाहिए। नीचे दिए गए वीडियो में इस पूरी परिचर्चा को देखा जा सकता है। इसके अलावा कॉन्क्लेव में आए अन्य मेहमानों के वीडियो को हमारे फेसबुक पेज और यूटयूब चैनल पर देखा सकता है।

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