सुनंदा पुष्कर मामले में हाईकोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को लगाई फटकार, कहा- थरूर के चुप रहने के अधिकार का करें सम्मान

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सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में गलत रिपोर्टिंग रोकने के लिए कांग्रेसी सांसद शशि थरूर द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार(4 अगस्त) को पत्रकार अर्नब गोस्वामी और उनके समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी को जमकर फटकार लगाई है।

फाइल फोटो।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनंदा पुष्कर मौत मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर की याचिका पर अर्नब गोस्वामी और उनके चैनल रिपब्लिक टीवी से जवाब मांगते हुए कहा कि वे सांसद के ‘‘चुप रहने के अधिकार’’ का सम्मान करें। थरूर ने अपनी पत्नी सुनंदा की मौत के मामले की ‘गलत रिपोर्टिंग’ पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की थी।

न्यायमूर्ति मनमोहन ने थरूर की याचिका पर गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को नोटिस जारी किया है। सांसद ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनके वकील की ओर से 29 मई को आश्वासन मिलने के बावजूद वे उन्हें ‘‘बदनाम करने और उनकी छवि खराब करने’’ में लगे हुए हैं।

इस पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने कहा, ‘‘आपको (गोस्वामी और चैनल) को थरूर के चुप रहने के अधिकार का सम्मान करना होगा।’’ थरूर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने अनुरोध किया कि अदालत गोस्वामी और चैनल को निर्देश दे कि वह ‘‘सुनंदा पुष्कर की हत्या’’ वाक्य का प्रयोग न करें क्योंकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि उनकी मृत्यु ‘‘हत्या’’ थी।

उन्होंने कहा कि इस तरह का निर्देश दिया जाए जिससे कि मुकदमा किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त न हो। गोस्वामी और चैनल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कहा कि समाचार प्रसारित करने के दौरान उन्होंने सिर्फ वास्तविक तथ्य और पुलिस रिपोर्ट दिखायी है।

सेठी ने कहा, ‘‘हमने चैनल (रिपब्लिक टीवी) पर प्रसारित किसी भी खबर में उन्हें हत्यारा नहीं कहा है।’’ न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि मौखिक रूप से उन्होंने वकील से कहा था, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि नाम नहीं लिया जाएगा। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘उन्हें इसका पालन करना होगा।’’

सेठी ने जवाब दिया, ‘‘मेरे मुव्वकिल मेरी ओर से दिये गये आश्वासनों का पालन करते हैं।’’ अदालत ने मामले की अगली सुनवायी 16 अगस्त के लिए निर्धारित की है। गौरतलब है कि इस मामले में थरूर ने गोस्वामी और चैनल के खिलाफ दो करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया है।

अपने याचिका में थरूर ने आरोप लगाया था कि गोस्वामी और समाचार चैनल के वकील द्वारा 29 मई को अदालत में आासन देने के बावजूद वे उनकी मानहानि और छवि खराब करने में लगे हुए हैं। बता दें कि इससे पहले भी 29 मई 2017 को हाईकोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को निर्देश देते हुए कहा था कि आप अपने चैनल पर इस तरह से किसी का नाम(थरूर) नहीं ले सकते।

पत्नी की रहस्यमयी मौत के संबंध में समाचार प्रसारित करते वक्त थरूर के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के लिए उनके खिलाफ दो करोड़ रूपये के मानहानि वाद पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने 29 मई को कहा था कि वह अपने मुवक्किल को ऐसा नहीं करने की सलाह देंगे।

इससे पहले कोर्ट ने इस सुनवाई के दौरान कहा था कि पत्रकार और उनका चैनल सुनंदा की मौत की जांच के संबंध में तथ्यों पर आधारित खबरें दिखा सकता है, लेकिन थरूर को अपराधी नहीं बता सकता। बता दें कि थरूर दिल्ली हाई कोर्ट में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर चुके हैं।

थरूर ने याचिका में अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत से जुड़ी खबर के प्रसारण के दौरान उनके खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक टिप्पणियों के लिए 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने बड़े ही धमाके के साथ 6 मई 2017 को अपने नए इंग्लिश चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ को लॉन्च किया था। जिसके बाद वह लगातार विवादों में हैं।

 

 

 

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