गुड़गांव गैंगरेप और हत्या के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, एक महिला सब इंस्पेक्टर निलंबित

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित गुरुग्राम (गुड़गांव) में महिला के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी नौ महीने की बच्ची की हत्या के नौ दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों मेंं से दो को बुधवार (7 जून) को गिरफ्तार कर लिया। महिला से बलात्कार के दौरान आरोपियों ने बच्ची को रोना बंद करवाने के लिए उसे फुटपाथ पर पटक दिया था। इससे भी बेहद दुखद बात यह है कि पीड़ित महिला को बलात्कार के बाद अपनी मरी हुई बच्ची को गोद में लेकर मेट्रो से सफर करना पड़ा।

photo- zeenews

पीटीआई की ख़बर के मुताबिक, गुड़गांव के पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने कहा, योगेन्द्र को गुड़गांव में उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अमित को कुछ घंटे बाद शहर से गिरफ्तार कर लिया गया और उनका साथी जयकेश अभी फरार हैं। पीडि़ता की शिकायत पर त्वरति कार्रवाई करने में पुलिस की ओर से लापरवाही बरते जाने को स्वीकार करते हुए खिरवार ने कहा कि एक महिला सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि तीनों आरोपी हाल ही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गुड़गांव आये थे। पुलिस ने मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र में 29 मई को हुए सामूहिक बलात्कार और हत्या के घटनाक्रम को जोड़ा और स्वीकार किया कि जांच में गलती हुई है। गुड़गांव के मिलेनियम टाउन से कुछ ही दूरी पर हुई चार घंटे की इस भयानक घटना के बारे में 23 वर्षीय पीडि़ता ने संवाददाताओं से बात की।

महिला ने पुलिस थाने के बाहर संवाददाताओं से कहा, मेरी बच्ची मर गयी और मुझे पता भी नहीं चला। महिला खांडसा गांव स्थित अपने मायके जा रही थी। इस दौरान उसने एक ट्रक से लिफ्ट मांगी। ट्रक चालक ने उसके साथ बदसलूकी की, लेकिन विरोध करने पर बेहद भीड़भाड वाले एनएच-8 पर उतार दिया।

उसी दौरान नशे में धुत्त तीन लोग एक टेम्पो में आये और उसे घर तक छोड़ने की बात कहने लगे। महिला ने कहा, मैं इंतजार कर रही थी उसी दौरान बीयर पीते हुए लोग एक टेम्पो में मेरे पास आये और पूछने लगे कि मैं अकेले कहां जा रही हूं और फिर उन्होंने मुझपर हमला कर दिया।

जब मेरी बच्ची रोने लगी तो, उन्होंने उसका मुंह दबाकर चुप कराने का प्रयास किया। फिर बच्ची को फुटपाथ पर फेंक दिया मैंने उनसे छोड़ देने की विनती की, कहा कि मेरी बच्ची रो रही है। इसके बाद उन्होंने सड़क पर मेरा बलात्कार किया। चार घंटे तक महिला के साथ बलात्कार करने के बाद वह भाग गये।

यह जाने बगैर कि बच्ची मर चुकी है, महिला वहां गयी जहां उसकी बच्ची को फेंका गया था, उसे उठाया और अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची मर चुकी है। तब तक सुबह हो गयी थी। हार माने बगैर, यह 23 वर्षीय मां अपनी बच्ची का निर्जीव शरीर लेकर दिल्ली मेट्रो में चढ़ी और उसे लेकर दिल्ली के एक अस्पताल में दिखाने आयी।

बाद में वह गुड़गांव के एमजी रोड मेट्रो स्टेशन गयी, जहां उसका पति इंतजार कर रहा था।महिला आईएमटी मानेसर के पास के एक गांव की रहने वाली है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और रेप का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।

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