VIDEO: आधी रात के बाद GST के नाम पर यात्रियों से 20-20 रुपये वसूलने वाले टीटीई पर गिरी गाज

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वलसाड से अहमदाबाद के बीच चलने वाली गुजरात क्वीन एक्सप्रेस में शनिवार(1 जुलाई) की सुबह यात्रियों से जीएसटी के नाम पर 20-20 रुपये अतिरिक्त वसूलने वाले टीटीई को रेल मंत्रालय ने ड्यूटी से हटा दिया है। साथ ही इस मामले में जांच के आदेश भी जारी कर दिया गया है। रेल मंत्रालय ने बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है।

बता दें कि वलसाड से अहमदाबाद के बीच चलने वाली गुजरात क्वीन एक्सप्रेस में शनिवार की सुबह टीटीई ने यात्रियों से जीएसटी के नाम पर 20-20 रुपये अतिरिक्त की वसूली शुरू कर दी। जिसका यात्रियों ने पुरजोर विरोध किया, इतना ही टीटीई यात्रियों को ये भी कहते सुने गए इसकी आपको रसीद दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर टीटीई की इस तरह अवैध वसूली करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद रेल मंत्रालय को जांच बैठाते हुए टीटीई को फिलहाल ड्यूटी से बाहर करना पड़ा। वीडियो में टीटीई यात्रियों से कह रहा है कि मुझे सरकारी अधिकारियों से उसे इस तरह की वसूली करने का निर्देश मिला है।

इस पर कुछ यात्री टीटीई से सरकुलर दिखाने को कहते हैं, लेकिन टीटीई नाराज होकर कहता है कि पेपर बांटकर सबको दिखाऊं क्या। हालांकि, यात्रि कहते हैं कि अगर ऐसा है तो 1 जुलाई के बाद बुक होने वाले टिकटों पर एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा। इससे पहले के टिकटों पर नहीं, लेकिन टीटीई उनकी बात नहीं मानता है।

एक देश-एक कर के वाला जीएसटी लागू

बता दें कि एक देश-एक कर के लक्ष्य वाला जीएसटी 1 जुलाई से लागू हो चुका है। 30 जून को संसद के केन्द्रीय कक्ष में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यरात्रि में घंटा बजाये जाने के साथ जीएसटी लागू हो गया तथा प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण कर सुधार की तुलना आजादी से करते हुए कहा कि यह देश के आथर्कि एकीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

संसद के केन्द्रीय कक्ष में हुई विशेष बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुखर्जी ने इसे ऐतिहासिक क्षण करार दिया और कहा कि यह कराधान के क्षेत्र में एक नया युग है जो कि केंद्र एवं राज्यों के बीच बनी व्यापक सहमति का परिणाम है।उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दायरे के लोगों द्वारा किया गया प्रयास है जिन्होंने दलगत राजनीति को परे रखते हुए राष्ट्र को आगे रखा।

इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जीएसटी सभी राजनीति दलों के सामूहिक प्रयासों की देन है। उन्होंने कहा कि यह सभी राज्यों एवं केंद्र के वर्षो तक चले विचार विमर्श का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जीएसटी सहकारी संघवाद का एक बेहतर उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सरदार वल्लभ भाई पटेल ने विभिन्न रियासतों को मिलाकर भारत का एकीकरण संभव कराया था, उसी प्रकार जीएसटी के कारण देश का आथर्कि एकीकरण होगा। उन्होने कहा कि इसमें शुरूआत में थोड़ी दिक्कत आ सकती है लेकिन इसके कारण सभी वर्गो के लोगों को लाभ मिलेगा।

 

बता दें कि संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आजादी सहित यह चौथा ऐसा मौका था, जब मध्यरात्रि के समय कोई कार्यक्रम हुआ। 14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि के अलावा, 1972 में स्वतंत्रता की रजत जयंती और 1997 में स्वर्ण जयंती के अवसर पर ऐसे कार्यक्रम हुए थे।

(देखें वीडियो)

 

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