चुनाव आयोग ने ‘AAP’ को नहीं दी ‘EVM चैलेंज’ के दौरान मदरबोर्ड से छेड़छाड़ की अनुमति

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चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी(AAP) की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें पार्टी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) चैलेंज के दौरान मदरबोर्ड में छेड़छेड़ करने की अनुमति मांगी थी। आयोग ने कहा है कि ईवीएम के मदरबोर्ड या इंटरनल पार्ट्स को बदलना अपने आप में पूरे उपकरण को ही बदलने जैसा है। आयोग ने गुरुवार(25 मई) को कहा कि आंतरिक सुरक्षा में बदलाव किया गया तो ईवीएम अपनी मौलिकता खो देगी।जनता का रिपोर्टरAAP की मांग का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग ने कहा है कि मदरबोर्ड या ईवीएम के किसी आंतरिक पार्ट्स में बदलाव की अनुमति देना किसी को नई मशीन तैयार करने की अनुमति देने जैसा होगा। यह ऐसी मशीन बनाकर आयोग को नई बनी मशीन पेश करने की इजाजत जैसा भी लगेगा। यह असंभव है और अतार्किक भी।

दरअसल, AAP ने ने 24 मई को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आयोग से ईवीएम हैकिंग के लिए शर्तों और नियमों पर पुनर्विचार की गुजारिश की थी। AAP ने आयोग से गुजारिश करते हुए कहा था कि ईवीएम चैलेंज के लिए कोई दिशानिर्देश तय नहीं किया जाए। पार्टी ने कहा कि जो भी मशीन को हैक करने की योजना बनाएगा वह आयोग द्वारा तय नियम के अनुसार नहीं चलेगा।

सात ही आयोग ने AAP से कहा है कि दिल्ली विधानसभा के भीतर प्रदर्शित मशीन ईवीएम के जैसी दिखती थी। यह मशीन आयोग द्वारा इस्तेमाल में लाई जा रही मशीन नहीं थी। आयोग ने कहा कि इस तरह के बाहरी या डुप्लीकेट गजेट का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। हमारे बुद्धिमान नागरिकों को ईवीएम की जांच के लिए गुमराह और प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि ऐसे गजेट आयोग के नहीं होते हैं।

अभी तक EC नहीं पहुंचा कोई दल

EVM मशीन के साथ छेड़छाड़ हुई है या की जा सकती है, यह साबित करने के लिए शायद ही कोई राजनीतिक पार्टी चुनाव आयोग की चुनौती स्वीकार करेगी। तीन जून को चुनाव आयोग का प्रस्तावित चुनौती होने जा रहा है। लेकिन गुरुवार(25 मई) देर रात तक किसी भी दल ने अपना आवेदन नहीं सौंपा। शुक्रवार(26 मई) को आवेदन सौंपने की अंतिम तारीख है। इसके लिए आयोग ने सात राष्ट्रीय और 48 क्षेत्रीय पार्टियों को आमंत्रित किया है।

बता दें कि हाल ही में हुए पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के बाद ईवीएम की विश्वनीयता पर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग 20 मई को इस संबंध में शंकाओं को दूर करने के लिए एक सार्वजनिक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस दौरान चुनाव आयोग ने ईवीएम से छेड़छाड़ की बात करने वाले राजनीतिक दलों को अपने आरोप साबित करने की खुली चुनौती दी थी।

आयोग ने पांच राज्यों के चुनाव में भाग लेने वाले सभी राजनीतिक दलों को 3 जून को यह मौका दिया है कि वे ईवीएम में किसी तरह की गड़बड़ी की बात साबित कर सकें। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त(सीईसी) नसीम जैदी ने इसका एलान करते हुए कहा था कि 3 जून से राजनीतिक दलों को EVM से छेड़छाड़ साबित करने का मौका मिलेगा।

हालांकि, आयोग ने इसके लिए कुछ शर्त भी लगाए हैं। जैदी ने कहा था कि पार्टियों को अपने तीन प्रतिनिधि भेजने की छूट होगी। शर्त यह रहेगी कि वे भारतीय नागरिक हों। उन्होंने कहा था कि इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को 26 मई की शाम पांच बजे तक अपनी टीम का नाम आयोग के पास भेजना होगा।इस टीम को चार घंटे का समय दिया जाएगा। इस दौरान पार्टियां को ईवीएम मशीन के कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट पर दिए गए बटनों को दबाकर या फिर ब्लूटूथ अथवा मोबाइल फोन जैसे किसी बाहरी उपकरण की मदद से आरोपों को साबित करने का मौका दिया जाएगा।

 

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