चुनाव आयोग की चुनौती पर केजरीवाल बोले- ‘सर, आपने अभी तक EVM दिया ही नहीं’

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हाल ही में हुए पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वनीयता पर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग आज(20 मई) इस संबंध में शंकाओं को दूर करने के लिए एक सार्वजनिक विशेष कार्यक्रम का आयोजित किया। इस दौरान चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम हैक करने की चुनौती दी है।delhi

इस मौके पर बोलते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त(सीईसी) नसीम जैदी ने कहा कि 3 जून से राजनीतिक दलों को EVM से छेड़छाड़ साबित करने का मौका मिलेगा। इस दौरान हर दल को 4 घंटे का समय दिया जाएगा। जैदी ने कहा कि ईवीएम से बाहरी तौर पर छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है, आयोग ने कहा कि इसके पार्ट्स से छेड़छाड़ संभव नहीं है।

आयोग ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को यह स्वतंत्रता होगी कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र से कोई भी चार पोलिंग बूथ को चुनकर उसकी जांच करवा सकेंगे। जैदी ने कहा कि चुनाव आयोग इस चैलेंज के माध्यम से ईवीएम वोटिंग सिस्टम में मतदाताओं का विश्वास और बढ़ाएगा।

जैदी ने कहा कि EVM के बारे में यह भ्रान्ति फैलाई जा रही है कि इसे हैक किया जा सकता है, यह पूरी तरह गलत है। जैदी ने कहा कि पिछले 67 सालों में चुनाव आयोग ने सफलतापूर्वक चुनाव कराए हैं। इस दौरान आयोग ने लाइव डेमो भी दिया। आयोग ने इस डेमो के आधार पर सभी को बताया कि ईवीएम और वीवीपैट मशीन से कैसे मतदान किया जाता है। आयोग ने दावा किया कि ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है।

इस मौके पर बोलते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने कहा कि हालिया पांच राज्‍यों के चुनावों के बाद इस संबंध में कई शिकायतें एवं सुझाव मिले हैं, लेकिन आयोग को कोई सबूत नहीं दिया गया है। साथ ही जैदी ने साफ कहा कि उसकी किसी भी दल के साथ नजदीकी नहीं है।हालांकि, इसके तत्‍काल बाद इस मसले पर मुखर आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव आयोग पर निशाना साधा। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि आयोग ने हमको अभी तक ईवीएम मुहैया नहीं कराया। केजरीवाल ने कहा कि ‘सर, आपने हमें कभी मशीनें नहीं मुहैया कराईं।’

वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त जैदी ने कहा कि चुनाव आयोग की तरफ से राजनीतिक पार्टियों से कहा गया है कि भविष्य में होने वाले सभी चुनाव वीवीपैट के साथ कराएं जाएंगे। EVM के साथ वीवीपैट लगाने से वोटरों का विश्वास और मजबूत होगा, उसके बाद सारी शंका समाप्त हो जानी चाहिए।

आयोग ने कहा कि शंकाओं को दूर करने के लिए 2019 के आम चुनावों से हर मतदाता को वीवीपीएटी उपलब्‍ध कराई जाएगी। ऐसा करने वाला भारत पूरी दुनिया का अकेला देश होगा। चुनाव आयोग देश के चुनावी लोकतंत्र की पवित्रता, अखंडता और विश्वसनीयता को बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

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