चुनाव आयोग ने 3 जून से राजनीतिक दलों को EVM हैक करने की दी चुनौती

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हाल ही में हुए पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वनीयता पर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग आज(20 मई) इस संबंध में शंकाओं को दूर करने के लिए एक सार्वजनिक विशेष कार्यक्रम का आयोजित किया है। इस दौरान चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम हैक करने की चुनौती दी है। आयोय ने कहा कि 3 जून से दलों को EVM से छेड़छाड़ साबित करने का मौका मिलेगा। इस दौरान हर दल को 4 घंटे का समय दिया जाएगा।इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम से बाहरी तौर पर छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है, आयोग ने कहा कि इसके पार्ट्स से छेड़छाड़ संभव नहीं है, साथ ही आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को 3 जून से ईवीएम हैकिंग की चुनौती दी है। आयोग ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को यह स्वतंत्रता होगी कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र से कोई भी चार पोलिंग बूथ को चुनकर उसकी जांच करवा सकेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि चुनाव आयोग इस चैलेंज के माध्यम से ईवीएम वोटिंग सिस्टम में मतदाताओं का विश्वास और बढ़ाएगा। जैदी ने कहा कि EVM के बारे में यह भ्रान्ति फैलाई जा रही है कि इसे हैक किया जा सकता है, यह पूरी तरह गलत है। जैदी ने कहा कि पिछले 67 सालों में चुनाव आयोग ने सफलतापूर्वक चुनाव कराए हैं।

इस दौरान आयोग ने कुछ राजनीतिको दलों की ओर से ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों पर शनिवार को लाइव डेमो दिया। आयोग ने इस डेमो के आधार पर सभी को बताया कि ईवीएम और वीवीपैट मशीन से कैसे मतदान किया जाता है। आयोग ने दावा किया कि ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है।

 

इस मौके पर बोलते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त(सीईसी) नसीम जैदी ने कहा कि हालिया पांच राज्‍यों के चुनावों के बाद इस संबंध में कई शिकायतें एवं सुझाव मिले हैं, लेकिन आयोग को कोई सबूत नहीं दिया गया है। साथ ही जैदी ने साफ कहा कि उसकी किसी भी दल के साथ नजदीकी नहीं है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि यह प्रचारित किया जा रहा है कि ये ईवीएम विदेश से आ रही हैं लेकिन ऐसा नहीं है। हमारी मशीनें देश में ही बनती हैं। इन मशीनों में आधुनिक तकनीक का इस्‍तेमाल किया गया है। इसका डाटा ट्रांसफर नहीं हो सकता। साथ ही आयोग द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जौदी ने कहा कि हाल ही में 5 राज्यों में चुनाव होने के बाद कुछ शंकाएं सामने आई हैं, चुनाव आयोग को कुछ सुझाव भी मिले हैं। कुछ राजनीतिक पार्टियों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन उनके साथ प्रामाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि चुनाव आयोग की तरफ से राजनीतिक पार्टियों से कहा गया है कि भविष्य में होने वाले सभी चुनाव वीवीपैट के साथ कराएं जाएंगे। EVM के साथ वीवीपैट लगाने से वोटरों का विश्वास और मजबूत होगा, उसके बाद सारी शंका समाप्त हो जानी चाहिए।

आयोग ने कहा कि शंकाओं को दूर करने के लिए 2019 के आम चुनावों से हर मतदाता को वीवीपीएटी उपलब्‍ध कराई जाएगी। ऐसा करने वाला भारत पूरी दुनिया का अकेला देश होगा। चुनाव आयोग देश के चुनावी लोकतंत्र की पवित्रता, अखंडता और विश्वसनीयता को बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

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