VIDEO: पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले का विरोध दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई सहित कई राज्यों में फैला, मरीजों की बढ़ी परेशानी

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्टरों पर हमले के विरोध की आंच अब धीरे-धीरे पूरे देश में पहुंच गई है। देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद समेत कई शहरों के डॉक्टर्स कोलकाता के डॉक्टरों के समर्थन में आ गए हैं। डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है, मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

पश्चिम बंगाल
फोटो: ANI

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने हड़ताल पर गए डॉक्टरों के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए 14 जून को अखिल भारतीय विरोध दिवस घोषित किया है। दिल्ली के एम्स सहित पटना, रायपुर, राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब के डॉक्टर भी इस विरोध में शामिल हो रहे हैं। बता दें कि, कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्टरों पर हमला होने के बाद पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टर मंगलवार से हड़ताल पर हैं।

दिल्ली एम्स के अलावा पूरे महाराष्ट्र में रेजीडेंट डॉक्टरों ने काम करने से मना कर दिया है। मुंबई के डॉक्टरों का कहना है कि वह साइलेंट प्रोटेस्ट करेंगे। खबरों के मुताबिक, केरल और बिहार समेत कई दूसरे राज्यों में भी डॉक्टरों ने काम करने से मना कर दिया है। वहीं हैदराबाद में डॉक्टर्स प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में इन राज्यों में भी मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।

महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) से संबद्ध डॉक्टरों ने राज्य के सभी 26 सरकारी अस्पतालों में मरीजों को देखना बंद कर दिया है। एमएआरडी के महासचिव दीपक मुंडे ने आईएएनएस को बताया कि सभी डॉक्टर सुबह 8 बजे से 5 बजे तक अपनी सेवा बंद रखेंगे। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन को यह सूचित कर दिया गया है कि किसी भी तरह से मरीजों को कोई परेशानी न हो और अन्य सेवा बाधित न हो।

कोलकाता हमले में शिकार हुए डॉक्टरों के समर्थन में केईएम अस्पताल के बाहर बैनर और पोस्टर लिए बड़ी संख्या में डॉक्टर एकत्रित हुए। एमएआरडी के सदस्यों द्वारा ऐसा ही प्रदर्शन पुणे, औरंगाबाद, नागपुर में भी किया जा रहा है, वह कोलकाता में अपने साथियों के लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि, पश्चिम बंगाल में हड़ताली डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बात नहीं सुनी है। गुरुवार को ममता बनर्जी ने रेजीडेंट डॉक्टरर्स को 4 घंटे के अंदर काम पर लौटने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर डॉक्टर काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ममता के अल्टीमेटम के बावजूद डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटे।

कोलकाता के राजकीय एनआरएस अस्पताल में एक 75 वर्षीय मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा जूनियर डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के बाद मंगलवार सुबह से ही वहां विरोध प्रदर्शन भड़क उठा और नियमित सेवाओं को ठप कर दिया गया। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया था। मारपीट में एक प्रशिक्षु परीबाहा मुखर्जी के सिर में गहरी चोट लगी है। उसे कोलकाता के पार्क सर्कस स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

तभी से एनआरएस के रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। ख़बरों के मुताबिक, एनआरएस कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल इस मामले में अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं।

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