नितिन गडकरी ने इंदिरा गांधी की तारीफ में पढ़े कसीदे, तो कांग्रेस नेता ने पूछा- क्या राफेल मुद्दे पर राहुल गांधी का समर्थन करेंगे?

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कांग्रेस नेता आशीष देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पूछा कि क्या वह राफेल करार पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की राय का समर्थन करेंगे? गौरतलब है कि नितिन गडकरी ने पिछले कुछ दिनों में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की तारीफ की है। नागपुर में एक प्रेस कॉन्फेंस में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक देशमुख ने कहा कि गडकरी ने पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्रियों नेहरू और इंदिरा की तारीफ उनकी विचारधारा और नेतृत्व के गुणों के लिए की है।

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File Photo: HT

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, देशमुख ने जानना चाहा कि क्या पूर्व बीजेपी अध्यक्ष गडकरी राफेल करार पर राहुल गांधी की सोच और उनके रुख से भी सहमत होंगे। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या वह (गडकरी) भविष्य में राहुल गांधी की सोच से सहमत होंगे? क्या राफेल पर राहुल गांधी के रुख से भी वह सहमत होंगे?” गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए किसी तरह के आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ी और उन्होंने कांग्रेस के अपने समय के पुरुष नेताओं से बेहतर काम किया।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा था कि वह महिला आरक्षण के विरोधी नहीं हैं लेकिन धर्म एवं जाति आधारित राजनीति के खिलाफ हैं। गडकरी ने यह टिप्पणियां रविवार को महिला स्वयं सहायता समूहों के एक प्रदर्शनी कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर की थी। बता दें कि केंद्रीय मंत्री की पार्टी बीेजपी देश में आपातकाल लगाने के लिए इंदिरा गांधी की आलोचना करती रही है।

गडकरी ने कहा था, “इंदिरा गांधी ने अपनी पार्टी में अन्य सम्मानित पुरुष नेताओं के बीच अपनी क्षमता साबित की। क्या ऐसा आरक्षण की वजह से हुआ था?” उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महिला नेत्रियों केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि इन सभी ने राजनीति में अच्छा किया है।

गडकरी ने कहा कि वे महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि जाति और धर्म की आड़ में राजनीति करना गलत है। व्यक्ति अपने ज्ञान के आधार पर बेहतर काम करता है, न कि अपनी जाति, धर्म या क्षेत्र से। क्या कभी किसी ने पूछा कि साई बाबा, गजानन महाराज और संत तुकडोजी महाराज का धर्म क्या था? क्या छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर और ज्योतिबा फुले की जाति किसी ने पूछी? (इनपुट पीटीआई/भाषा के साथ)

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